श्रीकांत हत्याकांडः फौजी भाई ने ही किया था कत्ल

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गाजीपुर। हर फौजी खुद की कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटता लेकिन थाना गहमर के लहना गांव का रहने वाला फौजी रामाकांत सिंह यादव तो इसके ठीक उलट निकला। अपने ही सगे भाई श्रीकांत यादव(27) का कत्ल करने में उसे थोड़ी भी हिचक नहीं आई। मजे की बात तो यह कि हत्या के बाद गांव के पास से गुजर रही कर्मनाशा नदी किनारे लाश फेंक दिया और बुधवार की सुबह अपने पिता के साथ लाश ढूंढ़ने का नाटक भी करता रहा लेकिन विरोधाभासी बयानों के चलते वह पुलिस से बच नहीं सका। हत्या में प्रयुक्त बांका के सहित पुलिस उसे गिरफ्त में ले ली। पुलिस कप्तान सोमेन बर्मा ने शुक्रवार की शाम उसे मीडिया के सामने पेश किया। बताए कि रामाकांत ने अपने छोटे भाई की हत्या पैतृक संपत्ति के विवाद में की। इसके लिए वह प्लान बनाया। अपनी बातों से श्रीकांत को झांसे में लिया और मंगलवार की देर शाम गांव के बाहरी हिस्से में रहने वाली एक महिला के घर के बाहर बैठ कर उसके साथ शराब तथा ताड़ी पिया। उसके बाद वह घर लौट आया जबकि श्रीकांत वहीं सो गया। आधी रात को रामाकांत फिर मौके पर पहुंचा और बांका से कनपटी पर जोरदार प्रहार कर श्रीकांत को  हमेशा के लिए सुला दिया। उसके बाद वह श्रीकांत की लाश को पीठ पर लादा और कर्मनाशा किनारे फेंक कर दोबारा घर लौट गया। पुलिस कप्तान ने बताया कि रामाकांत को गांव से ही बिहार सीमा में जाने वाली सड़क पर एक ईंट भट्टे के पास से पकड़ा गया। रामाकांत राजस्थान रेजिमेंट के तोपखाना में हलवदार के पद पर तैनात है। पुलिस कप्तान ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने तथा हत्यारे को गिरफ्त में लेने के लिए एसएचओ बालमुकुंद मिश्र को अपनी ओर से पांच हजार रुपये नकद ईनाम देने की घोषणा की। मालूम हो कि बीते बुधवार की सुबह उस महिला ने ही फोन पर श्रीकांत के गायब होने की सूचना उसके चचेरे भाई व ग्राम प्रधान तारकेश्वर यादव को दी थी। उसके बाद कर्मनाशा किनारे श्रीकांत की लाश मिली थी।

दबोचे गए लालू गैंग के तीन बदमाश

गाजीपुर। मऊ तथा गाजीपुर में सक्रिय लालू गैंग के तीन सदस्यों को दुल्हपुर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम दबोचने में सफल रही। यह कामयाबी दुल्लहपुर थाने के जसौली पुलिया के पास गुरुवार की रात करीब पौने 12 बजे मिली। पुलिस कप्तान ने तीनों लुटेरों को शुक्रवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि यह लुटेरे बीते छह जून की शाम साढ़े तीन बजे दुल्लहपुर क्षेत्र के जलालाबाद स्थित पेट्रोल पंप के पास झोला छाप डॉक्टर विजय कुमार चौहान को  शिकार बनाए थे। उसमें वह ९० हजार रुपये लूटे थे। गिरफ्तार बदमाशों में राहुल यादव मुहम्मदाबाद कोतवाली के सेमरा गांव का रहने वाला है जबकि अरविंद यादव यहिया चक थाना चिरैयाकोट व राजन यादव कोटवां थाना सराय लखंसी जिला मऊ का है। पुलिस कप्तान ने बताया कि यह लुटेरे उन्हीं लोगों को ज्यादातर शिकार बनाते थे जो बैंक से रुपये निकाल कर लौट रहे होते थे। उनके कब्जे से मय कारतूस दो तमंचे, बाइक, मोबाइल फोन तथा लूट के 47 हजार रुपये बरामद हुए हैं। अरविंद यादव पेशेवर बदमाश है। उसके खिलाफ गाजीपुर तथा मऊ के विभिन्न थानों में लूट, हत्या, हत्या के प्रयास वगैरह के कुल दस मामले दर्ज हैं। इसी तरह राजन यादव पर भी गाजीपुर और मऊ के थानों में ऐसे सात केस हैं। पुलिस कप्तान ने इसके लिए पुलिस टीम को दस हजार रुपये देने की बात कही।

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