समाज को आईना दिखाती हैं प्रेमचंद की कहानियांः अरुण

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

गाजीपुर। मुंशी प्रेमचंद की कहानियां जिंदगी दिखाती हैं। जिंदगी समझाती हैं। जिंदगी सिखाती है और उनकी कहानियां मानव समाज को आईना भी दिखाती हैं। वह अपनी रचनाओं के साथ न सिर्फ हिंदी साहित्य बल्कि दुनिया भर में कालजयी कथाकार के रूप में पहचाने जाते हैं। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर मंगलवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में सरजू पांडेय पार्क में हुई गोष्ठी में संस्था के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद सामाजिक यथार्थ को अपनी कलम से पूरी संजिदगी से उकारते रहे। उनके लेखन में जाति, रुढि को परे कर नए भारत के निर्माण की थीम रहती थी।

गोष्ठी में प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। कहे कि वह उर्दू एवं हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में अतुलनीय योगदान दिए। वह संवेदनशील कथाकार थे। सपा के वरिष्ठ नेता रामधारी यादव ने कहा कि प्रेमचंद की कहानियों, उपान्यासों में आम आदमी केंद्र में रहा। राजेश कुशवाहा ने कहा कि प्रेमचंद केवल साहित्यकार ही नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। उन्होंने अपनी लेखनी से स्वतंत्रता आंदोलन को धार दी। गोष्ठी में अशोक श्रीवास्तव, विरेश्वर सिन्हा, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, सदानंद यादव, आनंद श्रीवास्तव, अभिनव, परमानंद श्रीवास्तव, नन्हे, राहुल, अवधेश, प्रवीण, आदित्य, विजेंद्र, अभिषेक, राजेश कुमार यादव, संजय, अमर ¨सह राठौर आदि उपस्थित थे। संचालन मोहन लाल श्रीवास्तव ने किया। उसके पूर्व मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

यह भी पढ़ें–बसपा में बड़ा बदलाव

यह भी पढ़ें–उफ! किशोरी की हत्या