हद है! पूर्व डीएम के निर्माण कार्यों को ढाहाने पर आमादा नगरपालिका

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गाजीपुर | लगभग एक साल पहले की बात है जब तत्कालीन डीएम संजय खत्री गाजीपुर शहर के सुंदरीकरण  का वीणा उठाए थे और उसमें समाजसेवियों व समाजसेवी संस्थाओं से मदद के लिए आगे आने का आग्रह किए थे । उसी क्रम मे गाजीपुर की प्रमुख समाजसेवी संस्था ह्यूमन मर्सी जनहित सेवा संस्थान भी आगे आया था और गाजीपुर शहर के प्रमुख तिराहा मिश्रबाजार के सुंद्रीकरण का जिम्मा उठाया था। लाखों रुपये खर्च कर तिराहे का नवनिर्माण कराया था। यह भी संयोग ही था कि तिराहे पर पहले से स्थापित भाजपा के महापुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय की आदमकद मूर्ती की छतरी का भी नवनिर्माण हो गया था। तब उस कार्य को हर किसी ने तहे दिल से सराहा था। यहां

तक कि खुद डीएम संजय खत्री ने अपने हाथों नवनिर्मित तिराहे का लोकार्पण किया था। उस मौके पर उन्होनें ह्यूमन मर्सी जनहित सेवा संस्थान के लोगों की मुक्तकंठ से सराहना की थी लेकिन अफसोस कि शुक्रवार की सुबह कुछ लोग मजदूरों और जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और तिराहने के नवनिर्मित तिराहे को ढहाने लगे। इसकी सूचना ह्यूमन मर्सी जनहित सेवा संस्थान के अनस जमाल को मिली। वह संसथान के साथियों संग मौके पर पहुंचे। नवनिर्माण कार्य ढाहवा रहे लोगों से कारण पूछे। बताया गया कि यह कार्य नगरपालिका के आदेश पर हो रहा है। तब श्री जमाल ने इसकी जानकारी बजरिये फोन जिला प्रशासन को दी। फिर क्या था प्राशासन हरकत में आ गया। डीएम के बाला जी के आदेश पर एसडीएम सदर सत्यप्रिय सिंह ने नगरपालिका के अधिकारियों की फोन पर क्लास ली और तत्काल ढहाने का काम रुकवाया। डीएम ने भी नगरपालिका ईओ उमेश चंद्र को तलब किया। बकौल एसडीम सदर,  नि:संदेह यह कार्य न्यूजसेंस क्रिएट करने वाला था। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई है। क्या उन लोगों के खिलाफ कोई कार्र्वाई  होगी। एसडीएम सदर का जवाब था

कि यह मामला डीएम साहब के संज्ञान में है वह खुद इस मामले को देख रहें हैं। उधर नगरपालिका ईओ का कहना था कि नगरपालिका ने शहर के प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण कराने की योजना बनाई है। उसी के तहत मिश्रबाजार तिराहे पर जेसीबी भेजी गई थी। उनका कहना था कि मिश्रबाजार तिराहे पर हुआ निर्माण कार्य कुछ जरूरत से ज्यादा है। उसके चलते ट्रैफिक जाम की समस्या प्राय: बनी रहती है। उसी हिसाब से उसे छोटा करने की बात है। एक सवाल पर उन्होंने बताया कि तिराहे–चौराहों के सुंद्र्रीकरण के लिए कुल करीब 27 लाख रुपये का बजट मंजूर है जबकि ह्यूमन मर्सी जनहित सेवा संस्थान के श्री जमाल की मानी जाए तो अकेले मिश्रबाजार तिराहे के सुंदरीकरण पर उनकी  संस्था पांच लाख रुपये से अधिक खर्च की थी।

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