अंसारी बंधुओं को लेकर कुछ ज्यादा उत्साहित हैं ओमप्रकाश सिंह!

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गाजीपुर। गठबंधन के बाद गाजीपुर सीट बसपा के हिस्‍से में छोड़े जाने से सपा के आम कार्यकर्ता, समर्थक भले हैरान, परेशान हैं लेकिन इस मसले पर पार्टी के नेता कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं। वह नहीं चाहते हैं कि नीचे के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ऊपर लाकर पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव के कोपभाजन का वह शिकार बनें। इसके लिए यह नेतागण गठबंधन के घटक बसपा के हर कार्यक्रम में अपनी हाजिरी दर्ज कराना नहीं भूल रहे हैं लेकिन इस मामले में पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह कुछ ज्‍यादा ही उत्‍साहित नजर आ रहे हैं। हालांकि श्री सिंह के इस उत्‍साह के पीछे राजनीतिक प्रेक्षक उनकी खुद की सियासी गरज बता रहे हैं। बसपा गाजीपुर सीट पर पूर्व सांसद अफजाल अंसारी को अपना उम्‍मीदवार घोषित कर दी है। बसपा की ओर से बीते 12 मार्च को लंका मैदान में सपा संग पहली साझी बैठक हुई थी। उसमें ओमप्रकाश सिंह अपने पुराने अंदाज में नजर आए। उस मौके पर बीते विधानसभा चुनाव में अपनी हार का दर्द भी उनके चेहरे और जुबान पर आया। उन्‍होंने जमानियां की भाजपा विधायक सुनीता सिंह का नाम तो नहीं लिया था लेकिन उनकी ओर इशारा करते हुए उन पर तंज कसना नहीं भूले थे। वह बोले थे- कुछ लोग पेड़ से गिरे आम पाकर उसे अपनी उपलब्धि मान रहे हैं। इसी क्रम में बैठक में मौजूद पूर्व सांसद अफजाल अंसारी का नाम लेते हुए श्री सिंह ने कहा था कि जमानियां विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत के लिए वह भी कम जिम्‍मेदार नहीं थे। बैठक में पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने पूर्व सांसद अफजाल अंसारी के लिए अपनी ईमानदारी, अमानतदारी और वफादारी जताने में भी कोई कंजूसी नहीं की। वैसे श्री सिंह कभी अफजाल अंसारी के बेहद करीबी थे। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में वह अफजाल अंसारी को न सिर्फ सपा का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाये थे बल्कि उनकी जीत सुनिश्चित कराने के लिए वोट के दिन बूथों पर विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं से उलझने से भी नहीं हिचके थे। तब उनकी वह मेहनत रंग लाई थी। अफजाल अंसारी शानदार वोटों से जीत दर्ज कर लोकसभा में पहुंचने में कामयाब हुए थे और अब एक बार फिर ओमप्रकाश सिंह अफजाल अंसारी को सांसद बनाने में कोई कोर कसर छोड़ने के मूड में नहीं लग रहे हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानी जाए तो अफजाल अंसारी के लिए अपनी ओर से की जा रही इस मदद की कीमत ओमप्रकाश सिंह उनसे अगले विधानसभा चुनाव में वसूलना चाहेंगे।