पूर्व ब्ला‍क प्रमुख धनंजय सिंह हत्या के मामले में बाइज्जत बरी

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गाजीपुर। करंडा के पूर्व ब्‍लाक प्रमुख धनंजय सिंह को कोर्ट ने शुक्रवार को हत्‍या के मामले में बाइज्‍जत बरी करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मामला करंडा थाने के हिमरदोपुर गांव का था। वर्ष 2010 में पारिवारिक बंटवारे की पंचायत में एक पक्ष ने लाइसेंसी बंदूक से श्‍यामदेव गिरि की हत्‍या कर दी थी। उस मामले में दीनानाथ गिरि तथा हरिहर गिरि और धनंजय सिंह को नामजद किया गया था। फास्‍टट्रेक कोर्ट के न्‍यायाधीश अजय श्रीवास्‍तव ने दोनों पक्षों की दलिलों और साक्ष्‍यों को सुनने के बाद धनंजय सिंह को बेकसूर करार दिया जबकि अन्‍य दो आ‍रोपितों दीनानाथ गिरि तथा हरिहर गिरि को कसूरवार पाया। उन्‍हें उम्र कैद के साथ ही 50 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया। मृत श्‍यामदेव गिरि भाजपा नेता शशिकांत गिरि के पिता थे। उन्‍होंने कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्‍हें कोर्ट से न्‍याय की पूरी उम्‍मीद थी। उधर कोर्ट से बेकसूर करार दिए गए पूर्व ब्‍लाक प्रमुख धनंजय सिंह ने कहा कि उन्‍हें इस मामले में नाहक फंसाया गया था। यह बात कोर्ट ने भी साफ कर दी।

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