उ.प. मुंबई लोकसभा सीट: सुभाष पासी के मैदान में आने से शिवसेना, राकांस की बढ़ी मुश्किलें

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गाजीपुर। उत्‍तर पश्चिम मुंबई के लोकसभा प्रत्‍याशियों का नामांकन मंगलवार को समाप्‍त हो गया। इस दौरान शिवसेना व भाजपा, राष्‍ट्रीय कांग्रेस पार्टी व सपा-बसपा समर्थित प्रत्‍याशियों ने अपना पूरा दमखम दिखाया। सपा-बसपा समर्थित प्रत्‍याशी सुभाष पासी नामांकन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए। उन्‍होंने कहा कि वह 25 सालों तक कांग्रेस की सेवा करते रहे, लेकिन जब भी वह विधानसभा के लिए टिकट मांगते थे तो आश्‍वासन के सिवा उन्‍हें कुछ नहीं मिला। यहां तक कि 2004 में उन्‍होंने कार्पोरेशन इलेक्‍शन में भी टिकट मांगा था। उस वक्‍त भी उन्‍हें केवल भरोसा दिया गया। फिलहाल वह गाजीपुर सैदपुर विधानसभा से दो बार विधायक बन चुके हैं। रहा सवाल कि उत्‍तर पश्चिम मुंबई से लोकसभा चुनाव लड़ने का तो यह सपा मुखिया अखिलेश यादव की मेहरबानी है। बोले- जन्‍मभूमि भले ही पूर्वांचल के गाजीपुर जनपद है, लेकिन कर्म भूमि मुंबई ही रहा है। शिवसेना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसके विरोध के बावजूद 20 सालों से वह मुंबई में छठ पूजा का आयोजन करा रहें हैं। साथ ही जाति, धर्म, वर्ग में भेदभाव से दूर पूर्वांचल के असामयिक रूप से मृत लोगों के शव नि:शुल्‍क हवाई मार्ग से उनके गांव पहुंचाने का काम किया है। कहे कि उनकी पत्‍नी रीना पासी भी अपनी संस्‍था अक्षर फाउंडेशन के माध्‍यम से मुंबई के साथ पूर्वांचल में समाज सेवा करती आ रहीं हैं। वह सिर्फ भोजपुरिया समाज के लोगों की सहायता नहीं करते बल्कि उत्‍तर पश्चिम मुंबई में सभी धर्मों के लोगों के सुख दु:ख में शामिल रहते है। यही कारण है उनके नामांकन के दौरान सभी जाति, धर्म के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्‍सेदारी की है। इस समर्थन को देखते हुए शिवसेना व राष्‍ट्रीय कांग्रेस के समर्थकों व नेताओं में बेचैनी बढ़ गई है। निश्चित रूप से इस सीट पर त्रिकोणात्‍मक लड़ाई होगी। बावजूद सपा-बसपा का गठबंधन सब पर भारी पड़ेगा। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि इस लोकसभा क्षेत्र में भोजपुरिया समाज के अलावा मराठी छह लाख नौ सौ, उत्‍तर भारतीय तीन लाख 61 हजार, मुस्लिम तीन लाख 34 हजार दो सौ, गुजराती-राजस्‍थानी एक लाख 97 हजार आठ सौ, साउथ दक्षिण भारतीय एक लाख 21 हजार एक सौ, मसीही समाज 44 हजार आठ सौ और अन्‍य 38 हजार दो सौ मतदाता हैं। इनमें उत्‍तर भारतीय, मुस्लिम, गुजराती-राजस्‍थानी, दक्षिण भारतीय और मसीही समाज का उन्‍हें पूरा समर्थन मिल रहा है। निश्चित रूप से इस बार सपा-बसपा गठबंधन उत्‍तर पश्चिम लोकसभा सीट पर अपना परचम फहराने में सफल होगी।

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