उफ! तहरी खाए फिर पिये दूध और बिगड़ गई मासूमों की तबीयत

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जमानियां। गडही ग्राम पंचायत के पूर्व माध्‍यमिक विद्यालय के मासूम बच्‍चों की जान पर बन आई। वाकया बुधवार की सुबह साढ़े 11 बजे का है। बच्‍चे मध्‍याह्न भोजन में तहरी खाये फिर दूध पिये। उसके बाद उन्‍हें अचानक उल्‍टी शुरू हो गई। फिर तो विद्यालय में हड़कंप मच गया। सरकारी एंबुलेंस बुलाकर उन्‍हें सीएचसी भेजा गया। समुचित इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ। उसके बाद उन्‍हें घर भेज दिया गया। उन बच्‍चों में सुधांशु वर्मा (10), खुशबू कुमारी (9), अवंतिका वर्मा (12), सुलेखा (12), आकाश (13), विकास (10), दुर्गेश (13), अमरजीत (13), अंकित (13), लक्ष्‍मीना (10), गुलशन कुमार (12), मोनू वर्मा (13), छोटे लाल (10), हरीश कुमार (13), खुशबू (13), विश्‍वास कुमार (13), सूरज (13), अभिषेक (13), स्‍नेहा (13) व करिश्‍मा (12) शामिल रहे। विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार कुल 35 बच्‍चे दूध पिये थे। प्रधानाध्‍यापक प्रदीप वर्मा ने बताया कि मध्‍याह्न भोजन की व्‍यवस्‍था ग्राम प्रधान के स्‍तर से की जाती है। दूध पिलाने के बाद कुछ बच्‍चों को उल्‍टी शुरू हो गई थी। उधर बच्‍चों के अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्‍चों को पावडर मिश्रित दूध पिलाया गया था। उसी के चलते यह नौबत आई जबकि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कृष्‍णानंद ने बताया कि दूध बाल्‍टे वाले से लिया गया था। उसके दूध में पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं आई। उन्‍होंने कहा कि जांच से ही पता चलेगा। सीएचसी प्रभारी अनिल कुमार रत्‍नेश ने बताया कि दूध लेने के 45 मिनट बाद बच्‍चों को उल्‍टी शुरू हुई। उनमें कुछ को पेट में दर्द की शिकायत भी थी। दूध से कुल 20 बच्‍चे प्रभावित हुए थे। उनमें छह उल्‍टी कर रहे थे। शेष को मामूली दिक्‍कत थी। डॉ. रत्‍नेश ने बताया कि संभव हो कि दूध कम उबाला गया हो। वैसे दूध का नमूना जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। जांच रिर्पोट से ही हकीकत सामने आएगी। बच्‍चों के उपचार करने वाले चिकित्‍सकों की टीम में रूद्रकांत सिंह, रमेश रत्‍नाकर व गरिमा शामिल थीं। सूचना मिलने पर बीआरसी के सह समन्‍वयक भूपेंद्र कुमार गुप्‍त अपने सहयोगियों संग मौके पर पहुंचे थे। बाद में बीएसए श्रवण कुमार भी पहुंचे और पीडि़त बच्‍चों का हाल जाने। उन्‍होंने बताया कि दरअसल दूध के ओवरडोज से यह स्थिति बनी। बावजूद दूध का नमूना जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। बताए कि वह बच्‍चे इलाज के बाद घर लौट गए हैं और उनकी स्थित सामान्‍य हो गई है।

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