वोटिंग में दूसरे बैलेट यूनिट की नहीं पड़ेगी जरूरत, छह पर्चे खारिज

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

गाजीपुर। संसदीय चुनाव के लिए मतदान की तैयारी में प्रशासन की संभावित एक सिरदर्द की गुंजाइश खत्‍म हो गई। अब मतदान के लिए वोटिंग मशीन में दूसरी बैलेट यूनिट नहीं लगानी पड़ेगी। एक बैलेट यूनिट में कुल 15 चुनाव निशान और एक नोटा का बटन होता है। गाजीपुर संसदीय सीट के लिए कुल 21 उम्‍मीदवारों ने पर्चा भरा था, लेकिन मंगलवार को जांच में छह पर्चे अवैध निकले। जाहिर है कि इस हिसाब से एक ही बैलेट यूनिट से मतदान का काम संपन्‍न होगा। वैसे अभी दो मई को नाम वापसी का काम बाकी है। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक उसी दिन चुनाव चिन्‍ह आवंटन के साथ ही उम्‍मीदवारों की अंतिम सूची भी जारी हो जाएगी। उसके बाद 19 मई को मतदान होगा और 23 मई को मतगणना के बाद परिणाम घोषित होगा।

जांच में जिन उम्‍मीदवारों के पर्चे अवैध मिले, उनमें सत्यदेव यादव (निर्दल), ईश्वर देव सिंह (निर्दल), दिनेश कुमार कनौजिया (निर्दल), नंदलाल (नेशनल एजुकेशन पार्टी), लालचंद्र सोनकर (निर्दल) एवं सोहित यादव (राष्ट्रव्यापी जनता पार्टी) के शामिल रहे। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार अवैध करार दिए गए पर्चे अपूर्ण थे। पर्चों की जांच के वक्‍त डीएम के कक्ष में भाजपा उम्‍मीदवार एवं केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्‍हा तथा सपा-बसपा गठबंधन के उम्‍मीदवार अफजाल अंसारी सहित लगभग सभी उम्‍मीदवार मौजूद थे। प्रशासन 21 उम्‍मीदवारों के नामांकन से हलकान हो गया था। दरअसल उम्‍मीदवारों की उतनी संख्‍या की दशा में उसे वोटिंग मशीन में दूसरी बैलेट यूनिट की व्‍यवस्‍था करनी पड़ती। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नामांकन के अंतिम दिन तक 100 से ज्‍यादा उम्‍मीदवारों ने नामांकन किया था।

यह भी पढ़ें- ऐसा! अफजाल के भतीजे ने भी भरा पर्चा

यह भी पढ़ें- …और अंसारी बंधु भी इधर

संबंधित ख़बरें...