अय्याशी के लिए बने थे बाइक लिफ्टर, अब पहुंचे सलाखों के पीछे

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गाजीपुर। वह अपने महंगे शौक, नशे की पूर्ति और अय्याशी के लिए बाइक लिफ्टर बन गए। बकायदा वह गैंग बना लिए और गाजीपुर समेत वाराणसी को कार्यक्षेत्र बनाकर अपना काम करने लगे, लेकिन आखिर में गाजीपुर की क्राइम ब्रांच और नंदगंज पुलिस की संयुक्‍त कार्रवाई में वह हत्‍थे चढ़ गए। मामला नंदगंज क्षेत्र का है। उनके कब्‍जे से चोरी की चार बाइक और मय कारतूस दो तमंचे बरामद हुए। यह कामयाबी गुरुवार की शाम नंदगंज थाने के पहाड़पुर चट्टी पर वाहन चेकिंग के वक्‍त मिली। पुलिस कप्‍तान डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने पकड़े गए गैंग के दोनों सदस्‍यों को मीडिया के सामने पेश किए। बताए- दोनों में शुभम प्रसाद गुप्‍त नंदगंज थाने के ही देवकली का रहने वाला है, जबकि दूसरा अंकित राम सैदपुर कोतवाली के तरावं गांव का है। कार्रवाई के वक्‍त मौके से गैंग का तिसरा सदस्‍य राहुल पासवान मौका देखकर भाग निकला। वह नंदगंज थाने का ही देवकली का रहने वाला था। पूछताछ में वह बताए कि गाजीपुर तथा वाराणसी में वह बाइक चुराते थे और चोरी की बाइक की नंबर प्‍लेट बदलकर बेच देते थे। बिक्री के रुपये आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। फिर उन रुपयों से वह अपने महंगे शौक तथा शराब की लत पूरी करने के साथ मौज करते थे। इनके कब्‍जे से बरामद बाइक में एक गाजीपुर के शादियाबाद‍ तथा दूसरी वाराणसी के कैंट रेलवे स्‍टेशन से उड़ाई गई थी। यह सार्वजनिक स्‍थानों पर पहले से मौजूद रहते थे और जैसे ही कोई बाईक खड़ी कर अपने काम के लिए हटता था। वैसे ही वह मास्‍टर चाबी लगाकर उसकी बाइक लेकर चलते बनते थे। यह गैंग करीब एक साल से सक्रिय था। पुलिस कप्‍तान ने बताया कि इस गैंग का पर्दाफाश पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस कार्रवाई में पुलिस टीम की अगुवाई क्राइम ब्रांच के इंचार्ज विश्‍वनाथ यादव तथा एसएचओ नंदगंज केके मिश्र कर रहे थे।

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