राज्यकर्मियों का अल्टीमेटम, 72 घंटे में हत्यारा गिरफ्तार नहीं तो चुनाव ड्यूटी नहीं

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गाजीपुर। पीजी कॉलेज के कलर्क मिथिलेश मिश्र (45) के हत्‍यारे अभी तक पुलिस के हत्‍थे नहीं चढ़े हैं। इधर राज्‍यकर्मियों ने भी धमकी दी है कि 72 घंटे के अंदर हत्‍यारे गिरफ्तार नहीं हुए तो वह लोकसभा चुनाव में ड्यूटी नहीं करेंगे। राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के दोनों गुट इस सिलसिले में सोमवार को डीएम तथा एसपी से अलग-अलग मिले और पत्रक देकर कहे कि घटना के 24 घंटे बाद भी हत्‍यारों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की नाकामी है। एसपी से मिलने के बाद पीजी कॉलेज शिक्षणेत्‍तर कर्मचारी परिषद के अध्‍यक्ष विवेक सिंह शम्‍मी ने कहा कि उनके सहकर्मी मिथिलेश मिश्र की हत्‍या दुर्भाग्‍यपूर्ण है। यह घटना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। उधर पुलिस कप्‍तान के पीआरओ विद्याशंकर मिश्र ने बताया कि हत्‍यारों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उम्‍मीद है कि वह शीघ्र ही पुलिस के हाथ लग जाएंगे। मालूम हो कि शहर कोतवाली के लंगरपुर में पुश्‍तैनी मकान के बंटवारे के विवाद में रविवार को चचेरे भाई अभिनव मिश्र उर्फ विशाल ने चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार कर मिथिलेश मिश्र की हत्‍या कर दिया था। इसके बाद वह अपने परिवारीजनों तथा साथियों के साथ फरार हो गया था। इस मामले में मिथिलेश के छोटे भाई अखिलेश मिश्र ने अभिनव तथा उसके पिता विष्‍णुशंकर सिंह व मां सहित पांच नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। अभिनव के पिता अपने हिस्‍से की सारी पुश्‍तैनी जमीन पहले ही बेच दिए थे और वाराणसी में मकान बनाकर अपने परिवार के साथ रहते हैं। लंगरपुर के पुश्‍तैनी मकान तथा आवासीय भूखंड में मिथिलेश सहित तीन लोगों का हिस्‍सा है। मिथिलेश के परिवार वालों के मुताबिक अभिनव तथा उसके पिता जबरिया आधा हिस्‍सा लेना चा‍हते थे। इसी को लेकर घटना के दिन पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन अभिनव अपने साथियों और परिवारीजनों को लेकर दो गाडि़यों से पहुंचा था।

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