सैदपुर की सियासी जंग में एक बार फिर काटू सिंह और ठाकुर देवराज सिंह आमने-सामने!

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गाजीपुर। सैदपुर की सियासत में गोल गोलइती खासी अहमियत रखती है। पंचायत का चुनाव हो या लोकसभा का। हर चुनाव में गोलबंदी का असर साफ दिखता है। इस बार लोकसभा चुनाव को ही लिया जाए, तो हर गोल की एक दूसरे के खिलाफ मोर्चेबंदी दिखी। इसकी चर्चा चट्टी-चौराहे से लेकर सोशल मीडिया तक में होती रही। कहा गया कि पूर्व ब्‍लाक प्रमुख रमाशंकर उर्फ काटू सिंह सपा-बसपा गठबंधन के समर्थन में रहे तो उनके धुर विरोधी देवराज सिंह ठाकुर भाजपा के पक्ष में खड़े हो गए।

एक वक्‍त था कि सैदपुर की राजनीति में काटू सिंह की बड़ी पहचान थी। हर दल उनके समर्थन की चाहत रखता था, लेकिन उसी बीच ठाकुर देवराज सिंह मजबूती से उभरे। सपा में वह अपने लिए जगह बनाए। उसके बाद हर जगह वह काटू सिंह को चुनौती देने लगे। पिछले पंचायत चुनाव में उन्‍होंने काटू सिंह और उनके गोल के लोगों को दिखा दिया कि उनकी सियासी हैसियत किस मुकाम पर पहुंच गई है। ठाकुर देवराज सिंह की यादव बिरादरी में खासी पकड़ मानी जाती है। इस बात को उनके विरोधी भी मानते-जानते हैं। इस लोकसभा चुनाव में खुद के भाजपा के पक्ष में खड़े होने की बात को ठाकुर देवराज सिंह सिरे से खारिज करते हैं। वह कहते हैं- किसी के बारे में कोई कुछ भी कह सकता है। रही बात मेरी तो मैं समाजवादी हूं। अखिलेशवादी हूं। बावजूद भाजपा को मैने समर्थन किया है तो यह आरोप सबूत के साथ लगाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर मेरे बारे में झूठी बात फैलाई गई है। निश्चित रूप से इसके पीछे सपा के ही मेरे विरोधियों की गहरी साजिश है। वह चाहते हैं कि यदुवंशी समाज किसी भी तरह मुझसे दूर हो जाएं। उन्‍हें पता है कि सैदपुर इलाके का यदुवंशी समाज मुझ पर कितना भरोसा करता है। सुख-दुख के मौके पर वह मुझे बराबर अपने साथ पाता है।

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