मुख्य सचिव पहुंचे गाजीपुर और डीएम को बोले…

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गाजीपुर। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जमीनी हकीकत परखने रविवार को कासिमाबाद के धरवार कलॉ पहुंचे मुख्य सचिव डॉ.अनूप चंद्र पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी दशा में भूमि अधिग्रहण शेष करीब पांच प्रतिशत काम इस माह में पूरा कर लिया जाए। साथ ही उन्होंने यूटिलिटी शिफ्टिंग के बाबत जानकारी ली और इसकी प्रगति पर वह संतोष जताए। मुख्य सचिव के साथ अपर मुख्य सचिव एवं परियोजना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अवनीश कुमार अवस्थी भी थे। आजमगढ़ से चलकर मुख्य सचिव का हलीकॉप्टर शाम करीब चार बजे धरवार कलॉ स्थित यूपीडा के कैंप कर्यालय के पास उतरा। उनकी अगुवानी डीएम के बालाजी ने की। समीक्षा बैठक करने के बाद मुख्य सचिव शाम साढ़े पांच बजे लखनऊ के लिए उड़ गए। मुख्य सचिव का एक ही दिन में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का जायजा लेने का काम अमेठी (पैकेज एक-दो) से शुरू हुआ। उसके बाद सुल्तानपुर (पैकेज तीन-चार) फिर आजमगढ़ (पैकेज पांच-छह) के बाद गाजीपुर (पैकेज सात-आठ) पहुंचकर खत्म हुआ।
गाजीपुर में 52 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेस-वे

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लगभग 341 किलो मीटर लंबा है। गाजीपुर में इसकी लंबाई 52 किलोमीटर है। यह लखनऊ के चांदसराय से शुरू होकर गाजीपुर में हैदरिया तक आएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे नौ जिले लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ से होता हुआ गाजीपुर तक आएगा। यह एक्सप्रेस-वे छह-लेन का होगा और इसका विस्तार आठ-लेन तक किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस एक्सप्रेस वे को अगले साल अगस्त तक चालू कर दिया जाए।

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