मनोज तिवारी के लिए राकेश उपाध्याय बाबा विश्वनाथ और संकट मोचन का प्रसाद ले गए दिल्ली

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गाजीपुर। संस्थान कोई भी हो। कार्मिक हो, औद्योगिक हो या फिर शैक्षणिक हो। संस्थान से जुड़े लोग एक दूसरे के प्रति आदर, सम्मान का भाव रखते हैं। बीएचयू के ही छात्र नेता राकेश उपाध्याय का मामला लें। वह बीएचयू के छात्र रहे और अब भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व नवनिर्वाचित सांसद मनोज तिवारी के लिए वह उसी तरह सम्मान देते हैं, जैसे जूनियर अपने सीनियर को देता है।

मनोज तिवारी के निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली पहुंच कर राकेश उपाध्याय उनके पूरे चुनाव अभियान में लगे रहे। फिर जब नतीजा आया। वह वाराणसी से बाबा विश्वनाथ और संकटमोचन मंदिर का प्रसाद लेकर फिर दिल्ली पहुंचे। मनोज तिवारी को भेंट किए। हालांकि राकेश उपाध्याय समाजवादी विचारधारा से हैं जुड़े हैं। वह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के बेहद करीब हैं। सोशल मीडिया पर ओमप्रकाश सिंह के साथ उनकी फोटो प्रायः दिख जाती है। इससे यह भी साफ होता है कि संस्थान के पूर्व साथी के लिए दलीय सीमा आड़े नहीं आती।

इस बात पर चर्चा के क्रम में श्री उपाध्याय कुछ इस तरह व्याख्या करते हैं-मैं महामना की बगिया(बीएचयू) का पौध हूं। मनोज तिवारी भी इसी बगिया के वृक्ष हैं। महामना की बीएचयू की स्थापना के पीछे परिकल्पना यही थी कि नई पीढ़ी उनकी इस बगिया में सिंचित, पल्लवित होकर राष्ट्र की सेवा में स्वंय को न्यौछावर कर दे। अपने कर्म, प्रतिभा से राष्ट्र का मस्तक गौरव से ऊंचा करें और मनोज तिवारी भी उसी की एक कड़ी हैं। ऐसा नहीं कि वह राजनीति में निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए आएं हैं। उनके पास दौलत, शोहरत पहले से थी। निःसंदेह राष्ट्र की सेवा की ललक उन्हें राजनीति में खींच लाई। तब यह भी संदेह नहीं की वह राजनीति में बहुत आगे जाएंगे।

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