अब अपने पोस्टर से अखिलेश और मुलायम की फोटो हटाए नीरज शेखऱ

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गाजीपुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के बेटे राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच लगता है दूरी बढ़ने लगी है। नीरज शेखर ने बुधवार को सोशल मीडिया के अपने एकाउंट के जरिये लोगों को ईद मुबारक की मुबारकबाद दी। उसके पोस्टर में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव गायब थे। यह पहला मौका है जब नीरज शेखर का ऐसा पोस्टर लोगों को चौंकाया है। इसके पूर्व लगभग हर पर्व, त्योहार पर नीरज शेखर के संदेश वाले पोस्टरों में मुलायम और अखिलेश यादव की फोटो जरूर दिखता रहा है।

याद किया जाए तो अखिलेश यादव व नीरज शेखऱ में गहरे दोस्ताना सियासी ताल्लुकात रहे हैं। ताल्लुकात ऐसा कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव अपनी बपौती बलिया सीट पर नीरज शेखऱ पहली बार हारे थे। तब एलान कर दिए थे कि वह राज्यसभा में जाएंगे। उस वक्त उनकी वह बात सपा के बड़े नेताओं को हजम नहीं हुई थी। वजह नीरज शेखऱ की तरह चुनाव हारे कई बड़े नेता खुद राज्यसभा में जाने की कतार में लगे थे, लेकिन अखिलेश यादव नीरज शेखऱ की बात रखे थे।

इस बार लोकसभा चुनाव की बारी आई। नीरज शेखऱ को पूरा यकीन था कि अखिलेश यादव उन्हें बलिया सीट से फिर टिकट देंगे लेकिन आखिर में यह टिकट कट गया और नीरज की जगह अखिलेश ने अपनी पार्टी के पूर्व विधायक सनातन पांडेय पर दाव लगाया। इसको लेकर नीरज शेखर अखिलेश यादव से नाखुश हो गए। इस बाबत वह सार्वजनिक तो कुछ नहीं कहे लेकिन उनके समर्थक चट्टी-चौराहे से लगायत शोसल मीडिया तक पर अपनी नाराजगी बेहिचक प्रकट करते रहे।

उधर खुद नीरज शेखऱ सनातन पांडेय के चुनाव अभियान से अपने को दूर कर लिए। यहां तक कि अखिलेश यादव जब सनातन के लिए चुनावी रैली करने बलिया पहुंचे तब भी नीरज शेखऱ उनका मंच साझा करने की जरूरत नहीं समझे। इस बात को अखिलेश मंच पर ही नोटिस लेने से परहेज नहीं किए। वह कहे कि नीरज शेखर को उन्होने बहुत कुछ दिया। उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखऱ के नाम पर बलिया में यूनिवर्सिटी दिया। बावजूद नीरज शेखऱ उनके मंच पर नहीं हैं। फिर भी नीरज शेखर के लिए उनके दिल में सम्मान रहेगा। अखिलेश यादव के उतना कुछ कहने के बाद भी नीरज शेखर सनातन पांडेय के चुनाव अभियान में नहीं लौटे।

अंत में बलिया सीट का चुनाव परिणाम सपा-बसपा गठबंधन के खिलाफ आया। सनातन पांडेय हार गए। भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त जीत गए। लगता है इसके बाद भी नीरज शेखर के दिल में अखिलेश यादव को लेकर तल्खी कम नहीं हुई है। शायद यही वजह रही कि मंगलवार को गाजीपुर आए अखिलेश यादव से मिलने की जरूरत नीरज शेखर नहीं समझे। बल्कि कमोवेश उसी वक्त वाराणसी के लिए गाजीपुर से वह गुजरे और अब उनका ईद के मुबारकबाद वाले अपने पोस्टर से अखिलेश यादव और मुलायम यादव की फोटो हटाना सियासी हलके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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