जेल प्रकरणः तीन बंदी रक्षक निलंबित

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गाजीपुर। आखिर वही हुआ, जैसी की आशंका जताई जा रही थी। जेल नियमावली की धज्जियां उड़ाने की हकीकत बंया करने वाले दो वीडियो वायरल होने के मामले में जिला जेल के अधिकारियों के बजाए तीन बंदी रक्षकों को निलंबित कर खानापूर्ति कर दी गई। यह कार्रवाई डीआईजी जेल विंध्याचल सिंह यादव की जांच के बाद हुई है। निलंबित बंदीरक्षकों में खेमराज भारती, राजबहादुर सिह तथा श्याम बाबू शामिल हैं।

मालूम हो कि सोशल मीडिया पर कुछ ही दिन पहले दो वीडियो वायलर हुए थे। एक वीडियो में जेल की सर्किल में कुछ कैदी खुलेआम मोबाइल फोन पर बात करते दिख रहे थे, जबकि दूसरे वीडियो में कुछ कैदी साथ बैठ कर पूरे ठाठ के साथ बाटी-चोखा की दावत का मजा ले रहे थे। यह मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम के बालाजी ने इसकी जांच की जिम्मेदारी अपर एसडीएम सूरज यादव को सौंप दी थी। उसी बीच मामला मीडिया में भी उछल गया। फिर तो जेल विभाग में हड़कंप मच गया। डीआईजी जेल विंध्याचल सिंह यादव को भेजा गया। वह दो दिनों तक रुक कर जेल कर्मियों, कैदियों का बयान लिए।

वायरल वीडियो में दिख रहे स्थानों की पुष्टि किए। दोनों वीडियो देखने के बाद यह साफ था कि जेल नियमावली की उस कदर उड़ रही धज्जियां बगैर जेल अधिकारियों की मिली भगत संभव नहीं है, जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली से भिज्ञ लोगों का यह भी मानना था कि इस मामले में अधिकारियों के बजाए बंदी रक्षकों पर ही गाज गिरेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि डीएम के स्तर से कराई गई जांच की रिपोर्ट का क्या हुआ है। डीएम ने पहले ही बताया था कि उन्होंने एएसडीएम की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। लिहाजा यह बताना उचित नहीं होगा कि एएसडीएम की जांच में कौन दोषी मिला था।

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