…पर अफजाल अंसारी की इस कवायद का मतलब!

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गाजीपुर। साझी चुनावी सियासत को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव से बसपा मुखिया मायावती की पटरी भले नहीं बैठी और वह एकतरफा फैसला लेते हुए अखिलेश यादव से खुद दूर हो गईं, लेकिन गाजीपुर में बसपा के नवनिर्वाचित सांसद अफजाल अंसारी सपाजनों का साथ हरगिज नहीं छोड़ना चाहते हैं। शायद यही वजह है कि सपाजनों के हर मौके पर वह अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। वहां अपनी ओर से यह दिखाने, बताने की जरूर कोशिश करते हैं कि वह सपाजनों के हर दुख-सुख में साथ हैं और आगे भी रहेंगे। गत दिनों सपा के करंडा जिला पंचायत सदस्य विजय यादव पप्पू की हत्या के विरोध में उनकी लाश के साथ सपाजनों का चाहे धरना रहा हो अथवा विजय यादव पप्पू के घर सलारपुर(गोशंदेपुर) में सपा मुखिया अखिलेश यादव का आगमन। दोनों मौके पर अफजाल अंसारी तहे दिल से मौजूद रहे और अब सपाजनों की संगत के लिए वह खुद पहल कर अपने निर्वाचन क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में ईद मिलन समारोह आयोजित करा रहे हैं। समारोहों में अफजाल कह भी रहे हैं कि सपाजनों के हक-हुकूक के लिए जरूरत पड़ी तो वह खून देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनकी कोशिश यही है कि ईद समारोह में ज्यादा से ज्यादा सपाजन पहुंचे। इस बात की चर्चा पर उनके चुनाव एजेंट रहे शिवकुमार राय कहते हैं-यह हकीकत है कि अफजाल अंसारी की शानदार जीत में सपजनों की

भूमिका अहम रही है। वह पूरी ईमानदारी से अफजाल अंसारी के साथ रहे हैं। लिहाजा सपाजनों के प्रति आभार जताना उनका फर्ज बनता है। रविवार को जखनियां विधानसभा क्षेत्र में यह समारोह आयोजित था। जखनियां में डॉ.बीआकर आंबेडकर इंटर कॉलेज, मदरा कैंपस में आयोजित इस समारोह में मंच पर लगे बैनर में सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह की भी फोटो लगी थी। वह मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे, लेकिन संभवतः निजी व्यस्तता के कारण मौजूद नहीं थे। अलबत्ता, जखनियां विधानसभा क्षेत्र के सपा के लगभग सभी दिग्गज नेता, कार्यकर्ता पहुंचे थे। इसी तरह सैदपुर में सोमवार को फिर 11 जून को गाजीपुर शहर में बरबरहना स्थित डॉ. आजम खां के हाते में और जमानियां में यह समारोह होगा।

अफजाल की इस कवायद पर उनके विरोधियों का कहना है कि यह सब अफजाल की सियासी फितरत है, लेकिन सपा के वरिष्ठ नेता और अफजाल अंसारी के करीबियों में शुमार मुन्नन यादव कहते हैं-अव्वल तो ईद बड़ा त्यौहार है। दूसरे अफजाल अंसारी जिस भाव से ईद मनाते हैं, ठीक उसी अंदाज में होली भी वह मनाते हैं। लिहाजा उनके इस भाव को सियासत से जोड़ना बिल्कुल बेमानी होगा। कुछ लोगों का कहना है कि बसपा का सपा से गठबंधन औपचारिक रूप से टूट चुका है। ऐसे में बसपा के नवनिर्वाचित सांसद के समारोह में सपाजनों का जाना कतई ठीक नहीं है। फिर बसपा के नवनिर्वाचित सांसद का अपने समारोह में सपा के लोगों को बुलाना कहीं से उचित नहीं कहा जाएगा। इस सवाल पर डॉ. बीआर आंबेडकर इंटर कॉलेज के प्रबंधक और सपा के युवा नेता आमिर अली बताते हैं-मेरे स्कूल कैंपस में आयोजित ईद मिलन समारोह में बसपा के नवनिर्वाचित सांसद अफजाल अंसारी अपने भाषण में साफ बताए कि इसके लिए उन्होंने अपने पार्टी नेतृत्व से इजाजत ले ली है। पार्टी नेतृत्व को वह बता चुके हैं कि उनकी शानदार जीत सपाजनों के ही समर्थन से पक्की हुई, लेकिन अफजाल अंसारी की सियासी चालों पर नजर रखने वाले कुछ लोग अफजाल की इस कवायद का मतलब ढूंढ़ने में लगे हैं।

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