भाजपाः जिलाध्यक्ष के सारे दावेदार, हाथ जोड़े पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष के द्वार

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गाजीपुर। न सरकारी डाक बंगला। न सरकारी तामझाम। न सरकारी औपचारिकता। सबको आदर। सबको सम्मान। सबको जलपान और सबको नाम सहित संबोधन। कुछ यही नजारा और अंदाज था केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार दो दिवसीय प्रवास के लिए अपने पैतृक गांव सादात ब्लाक के पक्खनपुर (मिर्जापुर) पहुंचे डॉ.महेंद्रनाथ पांडेय के दरवाजे का। प्रवास के अंतिम दिन रविवार की सुबह से ही उनसे मिलने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और फरियादीजनों की भीड़ जुटने लगी थी। तड़के घर के अंदर से निकल दरवाजे पर पहुंचे लोगों से मिले। उनकी सुने। फिर आठ बजे स्नान और पूजा-पाठ के लिए अंदर चले गए। करीब तीन घंटे बाद दोबारा बाहर निकले और कार्यकर्ताओं संग दरवाजे की झोपड़ी के सामने लगी टीवी पर लाइव आ रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात एकाग्रचित होकर सुने। उसके बाद कार्यकर्ताओं के नाम सहित संबोधन कर बतियाने लगे। साथ ही अपनी ओर बढ़ाए जा रहे कार्यकर्ताओं की समस्याओं के लिखित आवेदन भी वह थामते रहे। बेतकल्लुफी यह कि एक बार तो घर में से बनियान पर ही निकल आए। हालांकि इसका एहसास होने पर वह दोबारा घर में गए और कुर्ता पहन कंधे पर गमछा डाले निकले। मिलते-मिलाते दोपहर करीब डेढ़ बज गए। तब तक बहुत हद तक भीड़ भी छट चुकी थी। उसके बाद वह फिर अंदर गए। अपनी कुल देवी के अलावा गांव के अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किए। गांव में स्थित पवहारी बाबा की कुटिया में मत्था टेके। फिर शाम करीब तीन बजे वह अपने निर्वाचन क्षेत्र चंदौली के लिए रवाना हो गए।

खास यह कि डॉ.महेंद्रनाथ पांडेय के पूरे प्रवास काल में कोई प्रशासनिक अथवा पुलिस का बड़ा अधिकारी नहीं दिखा। जाहिर था कि डॉ. पांडेय ने उनमें से किसी को तलब नहीं किया होगा। इस बात की चर्चा पर भाजयुमो के पूर्व प्रदेश मंत्री योगोश सिंह ने कहा कि डॉ. महेंन्द्र पांडेय का यह पुराना अंदाज है। वह उन नेताओं में नहीं हैं कि अपना भौकाल बनाएं और दिखाएं। वह नाहक सरकारी ताम-झाम में भी नहीं रहते हैं। उनके लिए कार्यकर्ता सर्वोपरि हैं। यही वजह है कि आम कार्यकर्ता भी उनका दिल से सम्मान करते हैं। उनसे बेहिचक मिलते हैं। बेखटक बतियाते हैं।

बहरहाल, डॉ.महेंद्रनाथ पांडेय के गांव प्रवास में उनके दरवाजे पर सरकारी अमला भले नहीं दिखा, लेकिन वह जरूर पहुंचे थे, जो पार्टी के जिलाध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। उनमें कई तो डॉ.पांडेय के सामने हाथ जोड़े याचक की मुद्रा में दिख रहे थे। कुछ उनसे सट कर बतियाने के मौके की जुगत में लगे थे।

पहुंचे पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं में पार्टी के प्रदेश मंत्री रामतेज पांडेय, काशी प्रांत के उपाध्यक्ष कृष्णबिहारी राय, काशी प्रांत की मंत्री सरोज कुशवाहा, जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, महामंत्री श्यामराज तिवारी, वरिष्ठ नेता प्रभुनाथ चौहान, जितेंद्रनाथ पांडेय, नरेंद्र सिंह, वीरेंद्र राय, कुंवर रमेश सिंह पप्पू, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के प्रतिनिधि सुनील सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र राय, भाजयुमो पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह, मुराहू राजभर, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रुद्रा पांडेय, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अनील पांडेय, जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र यादव, डॉ. मुकेश सिंह, बृजनंदन सिंह बबलू, सुरेश बिंद, श्याम नारायण राम, फैय्याज अहमद, इंद्रदेव प्रजापति, राजेश सोनकर, मयंक जायसवाल, राधेश्याम मोदनवाल, रवींद्र श्रीवास्तव, विश्वप्रकाश अकेला, रामेश्वर तिवारी आदि प्रमुख थे। विधायकों में अकेले विशाल सिंह चंचल थे।

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