अपना पहला वचन पूरा की भाजपा, राज्यसभा के उप चुनाव में नीरज शेखर को घोषित की उम्मीदवार

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बाराचवर(यशवंत सिंह)। आखिर भाजपा नीरज शेखर को दिए गए अपने वचन को पूरा कर दी। राज्यसभा की उत्तर प्रदेश की खाली सीट के लिए होने जा रहे उपचुनाव के लिए गुरुवार की रात नीरज शेखर को अपना उम्मीदवार घोषित कर दी। नीरज शेखर के करीबियों की मानी जाए तो वह 13अगस्त को अपना नामांकन करेंगे। भाजपा का टिकट मिलने से उनके समर्थक काफी खुश हैं।

मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर हाल तक सपा के राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन बीते लोकसभा चुनाव में उनकी परंपरागत सीट बलिया से सपा उन्हें टिकट नहीं दी थी। इससे नाखुश होकर वह पिछले माह न सिर्फ राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दिए थे, बल्कि लगे हाथ सपा को भी  टाटा कर दिए थे और भाजपा में शामिल हो गए थे। तब बात आई थी कि नीरज शेखर के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की खाली हुई सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में भाजपा उन्हें ही उम्मीदवार बनाने का वादा की है। इस सीट का कार्यकाल अगले साल 25 नवंबर तक है। राज्यसभा के इस उपचुनाव में नीरज शेखर की जीत लगभग पक्की है। वजह उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा का बहुमत है। नीरज शेखर कभी सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीबियों में शुमार थे।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बलिया सीट से हारने के बाद नीरज शेखर 2019 में भी बलिया सीट से टिकट के प्रमुख दावेदार थे, लेकिन आखिरी वक्त में सपा उनका टिकट काट दी थी और पूर्व विधायक सनातन पांडेय को टिकट थमा दी थी। नीरज शेखर अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के निधन के बाद साल 2007 में अपने पिता के निधन के बाद बलिया सीट के लिए हुए उपचुनाव में पहली बार सपा के टिकट पर पहली बार लोकसभा में पहुंचे थे। फिर साल 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा बलिया सीट से उनको दोबारा मौका दी। वह सफल भी हुए थे, लेकिन साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा लहर में उनको हार का मुंह देखना पड़ा था। बावजूद सपा मुखिया अखिलेश यादव से अपनी घनिष्ठता का लाभ मिला और वह राज्यसभा में पहुंच गए थे।

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