धारा 370 को हटाया जाना स्वागत लायकः अफजाल अंसारी

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गाजीपुर। मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले से गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी भी सहमत हैं। दिल्ली में एक ऑनलाइन मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार का फैसला वाकई स्वागत योग्य है।

अफजाल की इस सहमति को उनकी पार्टी बसपा के स्टैंड से जोड़ कर देखने के साथ ही कश्मीर को लेकर उनके खुद के जज्बात को भी समझा जा सकता है। मीडिया से बातचीत में अफजाल ने अपने इस जज्बात का इजहार भी किया। कहे कि कश्मीर से धारा 370 का ख़त्म होना उनके नाना ब्रिगेडियर उस्मान को सच्ची श्रद्धाजंलि है। याद हो कि ब्रिगेडियर उस्मान वही हैं, जिन्होंने कश्मीर को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। बात सन् 1948 की है। कश्मीर पर कब्जा जमाने के लिए पाकिस्तान ने हमला किया था। तब कश्मीर के तत्कालीन राजा हरि सिंह ने भारत से फौजी मदद मांगी थी। तब मदद में कश्मीर पहुंची भारतीय फौज की पहली टुकड़ी की अगुवाई ब्रिगेडियर उस्मान कर रहे थे। वह भारतीय फौज की 50 वीं पैराशूट ब्रिगेड के ब्रिगेडियर थे। उन्होंने कबीलियाई भेष में कश्मीर हथियाने आई पाकिस्तानी फौज को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया था। हालांकि उसमें उनको अपनी शहादत देनी पड़ी थी। उनकी शहादत तीन जुलाई 1948 को कश्मीर के नौशहरा राजौरी में हुई थी। ब्रिगेडियर उस्मान को भारत से प्यार था। वही वजह रही कि देश के बंटवारे में ब्रिगेडियर उस्मान पाकिस्तानी फौज का हिस्सा बनने के बजाय भारतीय फौज में ही रह कर भारत की हिफाजत का फैसला किए थे।

अफजाल अंसारी ने कहा कि अब जबकि कश्मीर से धारा 370 हटी है तो निश्चित रूप से यह उनके शहीद नाना ब्रिगेडियर उस्मान के प्रति श्रद्धाजंलि है। हालांकि अफजाल अंसारी को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की सरकार की प्रक्रिया पर एतराज है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने का सरकार का तरीका जायज बिल्कुल नहीं कहा जा सकता। साथ ही उनका यह भी कहना था कि केंद्र सरकार को चाहिए कि दूसरे राज्यों से भी धारा 370 हटाई जाए।

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