नीरज शेखर ने भरा पर्चा, एमएलसी पप्पू सिंह भी थे मौजूद

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गाजीपुर। प्रदेश की राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर ने अंतिम दिन बुधवार को लखनऊ स्थित विधान भवन में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उस मौके पर उनके भतीजे और बलिया के सपा एमएलसी रवि शंकर सिंह पप्पू व सपा के ही एक अन्य एमएलसी सीपी चंद्र साथ थे। उनके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, उप मुख्यमंत्री द्वय केपी मौर्य तथा डॉ.दिनेश शर्मा सहित मंत्री सुरेश खन्ना, उपेंद्र तिवारी आदि कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे।

नामांकन के बाद पत्रकारों से मुखातिब नीरज शेखर ने समाजवादी पार्टी छोड़ने के सवाल पर कहा कि उस पार्टी में सम्मान न मिलने की वजह से उनको इस्तीफा देना पड़ा। भाजपा ने सम्मान दिया है, इसलिए वह इसमें आए। मौजूदा वक्त में देश में एक मात्र भाजपा है, जो राष्ट्र के लिए काम कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि नीरज शेखर निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं। दरअसल, प्रदेश विधानसभा में भाजपा का प्रचंड बहुमत है, जबकि विपक्षी ताकत बहुत कम है। इस दशा में संभव हो कि राज्यसभा की इस सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में नीरज शेखर के सामने कोई नहीं आए।

मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर कुछ ही दिन पहले राज्यसभा और सपा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए। माना गया कि बीते लोकसभा चुनाव में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें बलिया सीट से टिकट नहीं दिया। उससे नाराज होकर नीरज शेखर ने भाजपा का दामन थामा। अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मृत्यु के बाद बलिया संसदीय सीट के लिए साल 2008 में हुए उपचुनाव में जीतकर नीरज शेखर पहली बार लोकसभा में पहुंचे थे। उसके बाद साल 2009  में लोकसभा के हुए आम चुनाव में वह सपा के टिकट पर दोबारा बलिया के सांसद चुने गए थे, लेकिन साल 2014 के मोदी लहर में उन्हें बलिया सीट से हार का मुंह देखना पड़ा था। बावजूद सपा उन्हें राज्यसभा में भेजी। साल 2019 में एक बार फिर नीरज शेखर अपनी बलिया सीट से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट नहीं दिया।

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