रहन-सहन रईसों का, काम चोरी का

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गाजीपुर। वह तीनों अपने गांव में रईस की तरह रहते थे, लेकिन उनका काम शातिराना अंदाज में चोरी का था। उनका यह दोहरा चेहरा तब सामने आया, जब उनमें दो राजकुमार पटेल उर्फ राजू तथा पन्ना लाल गुरुवार की शाम चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में अपने गैंग सरगना और अन्य दो साथी के साथ पकड़े गए। उनके कब्जे से सोने, चांदी के जेवरात सहित नकदी और मय कारतूस तमंचा मिला, जबकि दूसरा सुनील यादव निवासी राजनपुर मुड़ियार थाना सैदपुर फरार हो गया। राजकुमार पटेल उर्फ राजू गाजीपुर के सैदपुर थाने के गैवीपुर और पन्ना लाल खानपुर थाने के उसरहा गांव का रहने वाला है। गैंग सरगना सत्येंद्र सेठ वाराणसी के चौबेपुर थाने के मुनारी गांव का है। वह भोजपुरी फिल्मों का गायक और अभिनेता रहा है। गैंग के अन्य सदस्य भी वाराणसी के रहने वाले हैं।

गैंग में शामिल गाजीपुर के तीनों सदस्य अपने गांवों में रईस वाले अंदाज में रहते थे। पूछने पर वह वाराणसी में खुद के कारोबार की बात कहते थे। उनके ठाठ-बाट देख गांव के उनके साथियों को जलन भी होती। गैंग का कार्यक्षेत्र चंदौली था। गैंग का काम करने का तरीका भी शातिराना था। गैंग के सदस्य ओला के एक चालक को साथी बनाए थे। वह उसकी गाड़ी में बैठ कर निकलते और बाजारों में उन बंद दुकानों को चिन्हित करते, जहां कोई खतरा नहीं दिखता। रात में मौका देख कर वह उस दुकान का शटर तोड़ कर अंदर रखे कीमती सामान समेट कर ओला के चालक साथी की गाड़ी से निकल भागते। फिर खड़े ट्रकों में लदे माल पर भी हाथ साफ कर देते।

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