अंडरवर्ल्ड में चर्चा, कुख्यात दीपक वर्मा को सरेंडर कराने की तैयारी

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गाजीपुर। माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद अंडरवर्ल्ड में नए सिरे से समीकरण बना है। साथ ही नए प्लान बन-बिगड़ रहे हैं। अंडरवर्ल्ड में एक नए प्लान की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। अंडरवर्ल्ड के सूत्रों की मानी जाए तो इस प्लान में वाराणसी के एक लाख के ईनामी बदमाश दीपक वर्मा को मोहरा बनाने की तैयारी है।

यह प्लान तीन ऐसे शख्स का है, जिनका पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड में बड़ा नाम है और सियासत में भी वह धमाल मचाते रहते हैं। कभी उनमें आपस में पटरी नहीं थी, लेकिन कहते हैं दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। कुछ ऐसा ही इनके साथ हुआ है। माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद ठेके-पट्टे में अपने वर्चस्व को लेकर वह तीनों एक ऐसे शख्स को अपना दुश्मन मान चुके हैं, जिसे कभी वह अपने करीब मानते थे। चर्चा है कि प्लान के तहत दीपक वर्मा को पुलिस को सौंपा जाएगा। फिर उसके बयान के आधार पर वह अपने उस दुश्मन को साधेंगे, लेकिन उसके पहले उनके सामने बड़ा सवाल दीपक वर्मा का सुरक्षित आत्मसमर्पण है। इसके लिए वह पुलिस महकमे में अपने लखनऊ, वाराणसी के संबंधों के जरिये संभावनाएं तलाश रहे हैं।

दीपक वर्मा वाराणसी शहर के लक्सा इलाके का रहने वाला है और वह लक्सा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने जैसे कई संगीन मामलों में पुलिस को उसकी सालों से तलाश है। कभी सन्नी सिंह गैंग का वह सदस्य था, सन्नी सिंह की मौत के बाद उसने अपना अलग गैंग बना लिया। प्रयागराज पुलिस भी हत्या के मामले में उसे ढूंढ रही है। वाराणसी में पुलिस संग कई बार हुई मुठभेड़ में दीपक भागने में सफल रहा। दीपक वर्मा कुख्यात रईस बनारसी का भी साथी था। बताते हैं कि पिछले साल 14 दिसंबर को वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के पातालेश्वर मुहल्ले में 50 हजार के ईनामी बदमाश रईस बनारसी और राकेश अग्रहरी की क्रास फायरिंग में हुई मौत के वक्त वह मौके पर था, लेकिन घटना के बाद भाग निकला था। बताया जाता है कि कुख्यात दीपक वर्मा जब सन्नी सिंह के गैंग के लिए काम कर रहा था तब उसका गाजीपुर भी आना-जाना होता था।

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