बिजली संकटः सांसद अफजाल ने विभागीय इंजीनियरों की कसी चूड़ी

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गाजीपुर। बिजली के बढ़े दाम और लड़खड़ाई आपूर्ति व्यवस्था का एहसास सांसद अफजाल अंसारी को भी है। शायद यही वजह रही कि बुधवार को वह विभागीय इंजीनियरों को पीर नगर स्थित अपने कैंप कार्यालय (जिपं चेयरमैन आवास) में तलब किए और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाने के कारणों को जाने और इन्हें दुरुस्त करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा किए। उनका मुख्य फोकस लगभग थोक की संख्या में हर इलाके में जले पड़े ट्रांसफार्मर थे। बैठक में सांसद ने इंजीनियरों को तलब करने में इस बात का ख्याल रखा था कि किसी खंड के इंजीनियर की नामौजूदगी का बहाने का लाभ उठाकर दूसरे खंड के मौजूद इंजीनियरों को अपना पल्ला झाड़ने का मौका न मिले। लिहाजा सांसद के बुलावे पर वाराणसी से वर्कशॉप के एसई भी अपने संबंधित एक्सईएन को लेकर पहुंचे थे। दुर्व्यवस्था ग्रस्त इलाकों के एसडीओ भी मौजूद थे। सांसद के तल्ख तेवर देख इंजीनियरों ने उन्हें आश्वस्त किया कि नगरीय और ग्रामीण इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जले पड़े ट्रांसफार्मरों को बदलने और दुरुस्त करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

संभवतः विभागीय इंजीनियरों को सांसद अफजाल अंसारी की तल्खी का अंदाजा पहले ही हो गया था। उनकी बैठक शुरू होने से पहले ही बस्ती के लिए आवंटन रद कर 25 केवीए के पूरे 100 ट्रांसफार्मर गाजीपुर भेजने के कागज पर एसई वाराणसी स्टोर का दस्तखत हो चुका था। बैठक में बताया गया कि उन ट्रांसफार्मरों की खेप गुरुवार तक गाजीपुर आनी शुरू हो जाएगी। नगरीय इलाकों के जले 250 केवीए के ट्रांसफार्मरों की समस्या दो दिन के अंदर निस्तारित करने का इंजीनियरों ने पक्का वादा किया। इंजीनीयर यह भी कहे कि गाजीपुर स्टोर में आने वाले ट्रांसफार्मरों में से कम से कम 15-20 ट्रांसफार्मर दुरुस्त करने के लिए हर रोज वाराणसी भेजे जाएंगे। सांसद ने उपभोक्ताओं को नियमित और त्रुटीरहित बिजली बिल उपलब्ध कराने की भी हिदायत दी। नगरीय इलाकों में आपात स्थिति से निपटने के लिए विकल्प के रूप में ट्राली ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था भी शीघ्र होगी। चली इस लंबी बैठक के अंत में इंजीनियरों ने सांसद को वचन दिया कि अधिकतम तीन हफ्ते में यांत्रिक गड़बड़ियों को दूर कर आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।

वहां पहुंचे मीडिया कर्मियों से भी सांसद बैठक के बाद मुखातिब हुए। उन्होंने बिजली की हाल में बढ़ाई गई दर का मुद्दा उठाया। बोले-बिजली की दर बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने का भाजपा सरकार का फैसला सरासर जनविरोधी है। पहले से ही बाजार की मंदी और महंगाई की त्रासदी झेल रही सूबे की मेहनतकश जनता पर बिजली की यह बढ़ी दर और बोझ डालेगी। सरकार को चाहिए कि वह अपने इस फैसले को वापस ले। वरना उसे और कड़े जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा। इस मौके पर सांसद के मीडिया प्रभारी शिवकुमार राय, सपा के वरिष्ठ नेता मुन्नन यादव, परशुराम बिंद, जिला पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि विजय यादव आदि भी मौजूद थे।

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