धामूपुर में सब कुछ तैयार, बस योगी के आने का इंतजार

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गाजीपुर। वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर दस सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में प्रशासन भी जुटा है। बस प्रशासन को मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल आने का इंतजार है। शहादत दिवस वीर अब्दुल हमीद के पैतृक गांव धामूपुर में ही मनेगा। फर्क यही होगा कि इस बार कार्यक्रम में वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी नहीं होंगी। बीते दो अगस्त को उनका 96 साल की अवस्था में निधन हो गया। तैयारी है कि शहादत दिवस पर धामूपुर में स्थित शहीद पार्क में रसूलन बीबी और वीर अब्दुल हमीद की अगल-बगल प्रतिमा स्थापित की जाए। दोनोंजन की प्रतिमा बन कर आ भी गई है। पार्क की साफ-सफाई के साथ ही रंगाई-पोताई का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। पार्क से सटे तालाब का भी सुंदरीकरण कर उसे कंटीले तार से उसकी बैरिकेडिंग भी कर दी गई है। धामूपुर में वीर अब्दुल हमीद के नाम पर नवनिर्मित सरकारी प्राथमिक केंद्र भवन भी लगभग तैयार हो चुका है। तैयारी है कि इस केंद्र का लोकार्पण भी शहादत दिवस पर हो जाए। एसडीएम जखनियां कई बार धामूपुर पहुंच कर तैयारियों का जायजा भी ले चुके हैं।

वीर अब्दुल हमीद के पौत्र जमील आलम बताते हैं-मैं दादी रसूलन बीबी के इंतकाल के बाद लखनऊ पहुंच कर बीते पांच अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला था और दादा वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर आने का उनसे आग्रह किया था। तब मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वह जरूर आएंगे। मैनें मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि उस मौके पर वह मेरे दादा-दादी की प्रतिमा सहित धामूपुर में बन रहे वीर अब्दुल हमीद प्राथमिक स्वास्थ केंद्र के भवन का भी लोकार्पण करें। बकौल जमील आलम, मुख्यमंत्री न सिर्फ उनके इस आग्रह को स्वीकार लिए, बल्कि उन्होंने दादा-दादी की प्रतिमाओं के निर्माण की लागत भी सरकारी खजाने से देने को कहा। इसके लिए उन्होंने साथ मौजूद अपने निजी सचिव को निर्देशित किया कि वह इस सिलसिले में सांस्कृतिक विभाग के प्रमुख सचिव को बोलें और डीएम गाजीपुर को भी जरूरी निर्देश दिया जाए। मालूम हो कि वीर अब्दुल हमीद सन् 1965 की पाकिस्तान से जंग में शहीद हो गए थे। उनकी बहादुरी के चलते जंग के मैदान में पाकिस्तानी फौज के पांव उखड़ गए थे। मरणोपरांत उन्हें भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया था।

हालांकि शनिवार की दोपहर तक जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर उनके पैतृक गांव धामूपुर आने की अधिकृत सूचना नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जेड प्लस की सुरक्षा व्यवस्था हासिल है। इस हिसाब से उनके कार्यक्रम से दो दिन पहले ही सुरक्षा में लगे जाएगी। एनएसजी के ब्लैक केट कमांडों की टीम गाजीपुर आ जाएगी।

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