बच्चा चोर के शक में बाइक सवार तीन युवकों को बंधक बनाकर पीटे, पुलिस से उलझे, 18 नामजद

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

बाराचवर। बच्चे चोरों को लेकर अफवाहें थम नहीं रही हैं। शुक्रवार की रात ऐसी ही एक अफवाह के चलते बड़ी अनहोनी की नौबत आ गई। गनीमत रही कि पुलिस फौरी कार्रवाई कर सब कुछ नियंत्रण में कर ली। वाकया कासिमाबाद थाने के कलौरा गांव का है। इस मामले में अफवाह के शिकार हुए युवकों में सैय्यद अरशद की तहरीर पर 18 नामजद 200 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही पुलिस ने भी अपनी ओर से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उसमें अफवाह फैलाने, युवकों को बंधक बनाने और पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप है।

हुआ यह कि रात करीब नौ बजे युवक मेराज खान अपने दो साथियों के साथ कासिमाबाद थाना क्षेत्र के गेहूड़ी गांव में अपने मौसी के घर से गांव लौट रहा था। वह कलौरा गांव की अनुसूचित जाति की बस्ती के पास सड़क पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उन्हें जबरिया रोकना चाहा। रात के पहर के कारण मेराज और उसके साथी रुकने के बजाय आगे बढ़ गए। तब ग्रामीणों ने शोर मचाया। संयोग से आगे पहले से मौजूद 20-25 की संख्या में लाठी-डंडे से लैस युवकों ने उनको रोक लिया। उसके बाद वह मेराज और उसके दोनों साथियों को बच्चा चोर कह कर पीटे फिर गांव के सामुदायिक भवन में ले जाकर उन्हें बंद कर दिए। उसके बाद अनुसूचित जाति की बस्ती के अलावा पूरे गांव में अफवाह फैल गई कि तीन बच्चा चोर पकड़े गए हैं। फिर तो गांव के महिला-पुरुष लाठी-डंडे लेकर धमक पड़े और सामुदायिक भवन घेर लिए। उसी बीच सूचना मिलने पर यूपी-100 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें सामुदायिक भवन तक पहुंचने नहीं दिया।

कुछ देर बाद सीओ कासिमाबाद महमूद अली और एसएचओ पन्नग भूषण ओझा मय फोर्स पहुंचे, लेकिन उन्हें भी ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। तब पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। उसके बाद गाजीपुर-मऊ मार्ग एवं कठवा मोड़-कासिमाबाद-रसड़ा मार्ग पर वाहनों की चेकिंग का निर्देश दिया गया। ताकि अफवाह के कारण गैर गांवों के लोगों को कलौरा गांव पहुंचने से रोका जा सके। साथ ही आसपास के थानों की फोर्स कलौरा गांव भेजा गया। करीब दो घंटे बाद पुलिस फोर्स ने लाठियां पटक कर सामुदायिक भवन घेरे ग्रामीणों को किसी तरह हटाया। फिर बंधक बनाए गए युवकों को मुक्त करा कर उन्हें लेकर पुलिस कासिमाबाद थाने पर लौटी। ग्रामीणों की पिटाई से जख्मी होने के कारण सीएचसी कासिमाबाद में उनका प्राथमिक उपचार भी कराया गया। उन युवकों में मेराज खां तथा सैय्यद अरशद नोनहरा और मोहम्मद आसिफ खान फतेहपुर अटवा थाना नोनहरा का रहने वाला है। यह साफ था कि पुलिस अगर फौरी कार्रवाई नहीं की होती तो उन युवकों के साथ कोई और बड़ी अनहोनी हो सकती थी। एफआईआर में नामजद ग्रामीण कासिमाबाद थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। उनमें विशाल सिंह तथा उसका भाई विकाश सिंह, अमित सिंह व अरविंद अविसहन गांव का है, जबकि अखिलेश, गुड्डू, श्यामलाल, व सुरेश करौला का रहने वाला है। इनके अलावा उपेंद्र चौहान एवं मंजेश चौहान जगदीशपुर और रामव्रत, राधे, अशोक राजभर, दिनेश राजभर, शिवशंकर बिंद, सादा बिंद, झारखंडेय बिंद व मदन बिंद चुरामनपुर गांव का है।

मालूम हो कि कुछ ही दिन पहले बहरियाबाद में बच्चा चोर के शक में एक नर्तक को ग्रामीणों ने पकड़ कर पीटा था। उसे भी पुलिस किसी तरह ग्रामीणों के चंगुल से बचाई थी।

यह भी पढ़ें–खरडीहा कांडः ग्राम प्रधान भाई संग गया जेल