सपाः किसके माथे जिले का ताज, कार्यकर्ताओं को इंतजार

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गाजीपुर। समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष कौन होगा। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्सुकता है। वैसे तो इस पद के कई दावेदार हैं। हर दावेदार अपने आकाओं के जरिये लखनऊ दरबार में हाजिरी लगा आया है अथवा इसकी तैयारी में है। यह भी कि कुछ दावेदार खुद से जुड़े कार्यकर्ताओं और अन्य माध्यमों से अपने नाम आगे बढ़ाने की जुगत में लगे हैं।

यह भी है कि प्रदेश नेतृत्व इस बार जिलाध्यक्ष पद पर किसी को थोपने के बजाए आम कार्यकर्ताओं की स्वीकार्यता को प्राथमिकता देना चाहेगा। इस लिहाज से देखा जाए तो पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव सब पर भारी बताए जा रहे हैं। रामधारी यादव के पूर्व अध्यक्षीय काल में उनकी सर्व सुलभता, सर्व तत्परता और सर्व सफलता की दाद आज भी कार्यकर्ता देते हैं। ऱामधारी यादव को फिर से जिलाध्यक्ष के रूप में देखना चाहने वाले कार्यकर्ताओं की मानी जाए तो वह आज भी कार्यकर्ताओं को उसी तरह सुलभ हैं। कार्यकर्ताओं की समस्याओं और बात को प्रशासन के सामने ठीक से उठाने, रखने की सलाहियत भी उनमें है। इन कार्यकर्ताओं का दावा तो यह भी है कि अगर प्रदेश नेतृत्व ने नए जिलाध्यक्ष के बाबत गाजीपुर के बड़े नेताओं से राय-मशविरा लिया तो उसमें भी रामधारी यादव बीस पड़ेंगे।

वैसे रामधारी यादव के अलावा अन्य दावेदारों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोपाल यादव का नाम भी प्रमुखता से चल रहा है। गोपाल यादव नौजवान हैं। प्रखर वक्ता भी हैं। उनके करीबियों का कहना है कि मौजूदा वक्त में पार्टी के अगुवा में जैसा तेवर, जैसी वाणी और जैसी प्रतिबद्धता की जरूरत है, वह सब गोपाल यादव में है। कार्यकर्ताओं में इनकी खुद की पहचान भी है। संभावित जिलाध्यक्ष में पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा का नाम भी गिनाया जा रहा है, लेकिन यह भी चर्चा है कि राजेश कुशवाहा ने इसके लिए खुद अनिच्छा जता दी है। दावेदारों में एक नाम चंद्रिका सिंह यादव का भी सुनाई पड़ रहा है। अपने नाम पर सहमति के लिए वह कार्यकर्ताओं से संपर्क में लगे हैं। पार्टी की शिक्षक सभा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य चंद्रिका यादव की छवि कार्यकर्ताओं के बीच ऐसे नेता की है जो बड़े नेताओं की खेमेबंदी, नीचे के कार्यकर्ताओं की अनदेखी के खिलाफ तल्ख टिप्पणी करने में आगे रहते हैं। इसके लिए सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का भी वह बखूबी इस्तेमाल करते हैं।

मालूम हो कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कुछ दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष को छोड़ कर पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी, जिला इकाइयों सहित सभी फ्रंटल संगठनों की प्रदेश से लगायत जिला कार्यकारिणियों को भंग कर दिया था। उसी क्रम में गाजीपुर के जिलाध्यक्ष रहे डॉ.नन्हकू यादव और उनकी कार्यकारिणी भी भंग हो चुकी है। वैसे चर्चा है कि डॉ.नन्हकू यादव फिर से जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने को इच्छुक हैं, लेकिन गाजीपुर के बड़े नेताओं में उनका शायद ही कोई पैरवीकार हो।

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