गंगा और हुईं विकराल, खतरा का निशान पार

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गाजीपुर। गंगा का उफान और विकराल रूप पकड़ने लगा है। रविवार को जिला मुख्यालय पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। फिलहाल बढ़ाव के थमने के संकेत नहीं हैं। गंगा के पानी के बैक फ्लो से उधर गोमती भी बढियाने लगी है। तटीय इलाकों में पानी पसरने लगा है। बल्कि कई जगह आबादी में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

सिंचाई विभाग (बाढ़) के एक्सईएन राजेश शर्मा ने केंद्रीय जल आयोग के हवाले से बताया कि जिला मुख्यालय पर गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 63.19 मीटर रिकार्ड हुआ, जबकि खतरा का निशान 63.10 मीटर है। गंगा प्रति घंटा दो सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा बढ़ रही हैं। ऊपर प्रयागराज में भी इसी रफ्तार से गंगा-यमुना के बढ़ने की सूचना मिल रही है। मध्य प्रदेश में भारी वारिश के चलते बेतवा और केन नदी का बढ़ा पानी यमुना में दबाव बनाए हुए है। इसके अलावा गंगा में हरिद्वार से 44,820 क्यूसेक, नरोरा में 42,381 क्यूसेक और कानपुर बैराज से 1.60 लाख, 292 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

गंगा का पानी गाजीपुर शहर के तटीय मुहल्लों, बस्तियों की ओर बढ़ने लगा है। कई बस्तियों में नालों के बैक फ्लो से यह पानी लगभग पहुंच भी गया है। घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। सदर ब्लाक का जैतपुरा गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगा है। भांवरकोल इलाके के शेरपुर भागड़ में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। रेवतीपुर ब्लाक के दियरा इलाके के डेरे डूब गए हैं। कामाख्या धाम मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है। मार्ग से जुड़े गांव भी पानी से घिर गए हैं। उधर सैदपुर तहसील में गंगा और गोमती के तटीय गांवों की स्थिति भी चिंताजनक है।

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