गंगा में बढ़ाव जारी, अभी थमने के संकेत नहीं

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गाजीपुर। गंगा में बढ़ाव जारी है। जिला मुख्यालय पर सोमवार की दोपहर तक जलस्तर 63.59 मीटर पहुंच गया था। इस बढ़ाव के चलते तटीय गांवों, बस्तियों में पानी घुस गया है। वहां के लोग महिलाओं, बच्चों, बजुर्गों सहित मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। कई जगह खेत में खड़ी फसल भी पानी में डूब गई है। गंगा के पानी का दबाव गोमती नदी पर भी पड़ा है। उसके तटीय लोग भी बाढ़ के खतरे से निपटने में जुट गए हैं। प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। प्रभावित तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदारों को हालात पर बराबर नजर रखने के लिए डीएम के बालाजी ने कहा है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

सिंचाई विभाग (बाढ़) के एक्सईएन राजेश शर्मा ने बताया कि गंगा प्रति घंटा डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है। ऊपर प्रयागराज में भी गंगा-यमुना में बढ़ाव की रफ्तार प्रतिघंटा दो सेंटीमीटर है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में गाजीपुर में दो-तीन दिन गंगा के बढ़ने की उम्मीद है। वैसे मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर थमा है, लेकिन  हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बैराज से छोड़ा गया पानी का दबाव रहेगा।मालूम हो कि गाजीपुर में गंगा रविवार की सुबह ही खतरे के निशान को पार कर गईं थीं। खतरा का निशान 63.10 मीटर है।

…और रुका पुल का निर्माण

ग़ाज़ीपुर। गंगा में  बाढ़ के कारण ताड़ीघाट-मऊ रेल खंड कं लिए बन रहे रेल सह सड़क पुल का निर्माण का काम भी रुक गया है। यहां तक कि निर्माण स्थल पर क्रेन, रोलर सहित निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य कल-पुर्जे सहित मजदूरों के लिए डाले गए टीन शेड वगैरह भी बाढ़ के पानी में डूब, घिर गए हैं। पुल के निर्माण की जिम्मेदारी आरबीएनएल की ओर से प्रमुख निर्माण कंपनी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को दी गई है। कंपनी के लोगों का कहना है कि स्टील स्ट्रक्चर व पिलर पाइलिंग का काम एहतियातन रोका गया है।

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