भाजपाः मनोज सिन्हा की अगुवाई में गांधी संकल्प यात्रा शुरू, पहले दिन 15 किलोमीटर पैदल चले कार्यकर्ता

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गाजीपुर। भाजपा की गांधी संकल्प यात्रा महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा की अगुवाई में जखनियां से शुरू हुई। यात्रा के पहले दिन करीब 15 किलो मीटर तक पैदल चल कर कार्यकर्ता बहरियाबाद पहुंचे। यात्रा में महात्मा गांधी अमर रहे, गांधी जी का सपना अधूरा- मोदी जी करेंगे पूरा लग रहे थे। पदयात्री कार्यकर्ता अपने हाथों में राष्ट्रीय तिरंगा व पार्टी का झंडा लेकर चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह पदयात्रियों का माल्यार्पण व फूलों की वर्षा से स्वागत हुआ। पदयात्री रास्ते में सड़क किनारे प्लास्टिक के कचरे उठा कर झोले में रखते जा रहे थे। हालांकि इस पदयात्रा में अपेक्षाकृत कम कार्यकर्ता दिखे। संख्या चार अंकों में भी नहीं थी। इस बाबत चर्चा पर कार्यकर्ताओं ने जिला नेतृत्व को दोषी ठहराया। उनका कहना था कि जिला नेतृत्व ने इस सिलसिले में जिले भर के कार्यकर्ताओं को ससम्मान बुलाने की जरूरत तक नहीं समझी। बहुतेरे कार्यकर्ता तो पूर्व केंद्रीय मंत्री के नाम पर पहुंचे थे। यात्रा भुड़कुड़ा, हथियाराम, बेलहरा, रायपुर होते हुए बहरियाबाद पहुंची। तीन अक्टूबर की सुबह बहरियाबाद से फिर शुरू होकर टाड़ा, डोरा, सादात, दौलतनगर, शादियाबाद, मनिहारी, हंसराजपुर, पारा से सिखड़ी पहुंचेगी। यात्रा का समापन सरदार पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को होगा। यात्रा कुल 150 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

जखनियां में सन साइन पब्लिक स्कूल से यात्रा के शुभारंभ पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने  महात्मा गांधी, लालबहादुर शास्त्री सहिक पं. दीनदयाल उपाध्याय व डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता अभियान अब जनान्दोलन का रूप ले लिया है। उन्होंने कहा कि बापू में ऐसी क्या विशेषता है जिसे आज पूरी दुनिया विचारों को मानने पर मजबूर है। देश व दुनिया के लोगों कि सारी समस्याओं का समाधान गांधी जी के विचारों और सिद्धांतों मे निहित है। आज विश्व में सबसे ज्यादा डाक टिकट, सभागार, सडकों सहित अन्य संस्थानों का नाम गांधी जी के नाम से रखें गए हैं। उन्होंने कहा कि मानवता के प्रतीक किसी इंसान का नाम है तो वह महात्मा गांधी का नाम है। रविंद्रनाथ टैगोर ने उन्हें बापू तथा नेता जी सुभाषचंद्र बोष ने राष्ट्पिता कहा था। गांधी जी आज भी प्रासंगिक है कल भी थे और आने वाली सदियों तक प्रासंगिक रहेंगे। गांधी जी कोई अलौकिक रुप मे नहीं पैदा हुए थे बल्कि उनकी कठिन तपस्या व संघर्ष ने उन्हें असाधारण बना दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि गांधी जी को पढ़ने की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने स्वच्छता, सिंगल प्रयोग प्लास्टिक का उन्मूलन, जल संचय व जल संवर्धन के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कहा कि गांधीजी के मूल्यों को घर घर पहुंचाने का काम करें। प्लास्टिक का संकट खत्म करना अब बेहद जरूरी हो गया है। उनका कहना था कि जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए देश में आंदोलनकारी प्रभावशाली पहल गांधीजी के स्वस्थ और उत्पादक भारत के सपने को पुनर्जीवित करेगी।

श्री सिन्हा ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग गांधी जी को बपौती मानते थे लेकिन उन लोगों ने कभी उनको अपनाने की कोशिश नहीं की। गांधी जी के नाम का सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए प्रयोग किया है। गांधी जी के ग्राम स्वराज्य के सपने को भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साकार कर रहे हैं। महात्मा गांधी तथा पं. दीनदयाल के सपनों में कोई अंतर नहीं है। अगर गांधी जी के विचारों को अपना कर सच्ची श्रद्धांजलि देने का काम किसी ने किया है तो वह भाजपा ने किया है। मनोज सिन्हा ने कार्यकर्ताओं से बल देकर कहा कि गांधी संकल्प पद यात्रा को जनयात्रा मे बदलना है। इस मौके पर श्री सिन्हा बाढ़ पीड़ितों की मदद में सक्रियता से जुड़ने का भी आह्वान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने की।

कार्यक्रम में यात्रा के संयोजक सुनिल सिंह के अलावा गाजीपुर नगरपालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल, कृष्ण बिहारी राय, विजय शंकर राय,विजेंद्र राय, रामहित राम, सरोज कुशवाहा, ओमप्रकाश राय, मुराहू राजभर, राजेश राजभर, रुद्रा पांडेय, सुमित तिवारी, देवव्रत चौबे, अखिलेश सिंह, विनोद अग्रवाल, अच्छे लाल गुप्त, सच्चिदानंद सिंह, प्रवीण सिंह, डॉ. शोभनाथ यादव, विपीन सिंह, सरोज मिश्रा, शशिकांत शर्मा, अमरेश गुप्त, श्यामनारायन राम, रासबिहारी राय, मनोज सिंह, अशोक पांडेय, अनिल पांडेय, इंद्रदेव कुशवाहा, रामाधीन सिंह, पवनंजय पांडेय, सुरेश बिंद, चतुर्भुज चौबे, अखिलेश राय, निमेष पांडेय, मंयक जायसवाल, दुर्गेश सिंह, प्रमोद वर्मा आदि थे। संचालन प्रभुनाथ चौहान ने किया।

 

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