भाजपाः ‘काकस’ के खिलाफ लामबंदी! ऊपर तक पहुंची शिकायत

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गाजीपुर। भाजपा में संगठन चुनाव को लेकर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। संगठन में ढाई दशक से ‘काकस’ की मनमानी के खिलाफ कार्यकर्ता लामबंद हो गए हैं। कार्यकर्ताओं को आशंका है कि संगठन पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए इस चुनाव में भी काकस अपनी वाली कर सकता है। इस बाबत कार्यकर्ता क्षेत्रीय से लगायत प्रदेश नेतृत्व तक मौखिक और लिखित शिकायत पहुंचा आए हैं।

कार्यकर्ताओं को भनक मिली है कि मंडल इकाइयों के अध्यक्ष पद पर कार्यकर्ताओं की सहमति लेने अथवा चुनाव कराने के बजाय काकस अपने मनपसंद चेहरों को बैठाना चाहता है और इसकी सूची ऊपर भेज चुका है। गाजीपुर में पार्टी के कुल 37 मंडल इकाई हैं। जाहिर है कि मंडल अध्यक्ष ही जिलाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। पता चला है कि ऊपर पहुंचाई गई काकस की मनमानी की शिकायत में यहां तक बताया गया है कि बीते लोकसभा चुनाव में काकस से जुड़े नेताओं के अपने गृह विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रतिद्वद्वंदी दलों से कितने वोटों से पिछड़ी और उसमें वह नेता किस हद तक कारण बने। बल्कि कुछ नेताओं ने तो अपनी लिखित शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि काकस से जुड़े नेता पार्टी का संचालन प्राइवेट लिमिटेड की तरह करने पर आमादा हैं।

वैसे पार्टी नेतृत्व ने इस बार संगठन चुनाव में एक शर्त जोड़ दिया है कि मंडल अध्यक्ष के लिए वही दावेदारी करेंगे, जो पिछली बार भी सक्रिय सदस्य रहे हैं। इस शर्त ने भी काकस का कुछ खेल बिगाड़ा है। न चाहते हुए भी दूसरे पर दांव लगाना पड़ा है। कुछ मंडलों में कई ऐसे नेता रहे जो अपनी पहुंच और प्रभाव के बूते मंडल अध्यक्ष बनने का ख्वाब देख रहे थे, लेकिन इस शर्त से उनका ख्वाब टूट गया है। संगठन चुनाव के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक मंडल इकाइयों की चुनावी प्रक्रिया दस अक्टूबर को पूरी हो जाएगी। उसके बाद 21 अक्टूबर से जिला इकाई की चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी।

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