प्रेमी की चौखट पर प्रेमिका का धरना खत्म, साई मंदिर में रचाई शादी

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गाजीपुर। इस प्रेम कहानी में कई ट्विस्ट आए। इकरार, तकरार हुआ तो बेवफाई, रुसवाई भी आई। मिलन, विछोह तक की स्थिति बनी, लेकिन सुखद यह कि कहानी का अंत मुहब्बत की जीत से हुई। दोनों मुख्य किरदार गुरुवार को परिणय सूत्र में बंध गए। यह रोचक कहानी शहर कोतवाली के रुहीपुर गांव की है। इसके गवाह बने प्रेमी-प्रेमिका के परिवारीजन, रिश्तेदार, मित्र, राजनीतिक कार्यकर्ता और शहर कोतवाल सहित पुलिस कर्मी।

रूहीपुर गांव में प्रेमी संदीप कुशवाहा और प्रेमिका सुमन कुशवाहा का घर करीब आमने-सामने है। दोनों बचपन में साथ खेले-बढ़े। उसी बीच वह एक दूसरे के कब करीब आ गए। इसकी जानकारी उनके घरवालों को जब हुई तो दोनों की मुहब्बत बहुत आगे बढ़ चुकी थी। सुमन के घरवाले भी उसकी यही नियति मान संदीप को दामाद मान चुके थे, लेकिन कहानी में पहला ट्विस्ट आया। संदीप बेवफाई पर उतर आया। बात पुलिस तक पहुंची। संदीप पर कार्रवाई हुई। उसे जेल जाना पड़ा। लगभग चार से प्रेमप्रपंच चल रहा था। उसके बाद संदीप ने सुमन को छोड़ दिया था जिसपर संदीप कुशवाहा को जेल का भी हवा खाना पड़ा। हालत की नाजुकता समझ उसने पलटी मारी। सुमन से शादी का वादा कर उसका बयान अपने पक्ष में कराया। तब जेल से बाहर आया, लेकिन फिर शादी के वादे से मुकर गया। आखिर में सुमन ने कड़ा फैसला किया। पांच दिन पहले वह संदीप के घर की चौखट पर घरने पर बैठ गई। संदीप और उसके घरवाले घर में ताला जड़ कर लापता हो गए। शहर कोतवाल धनंजय मिश्र ने उसका साथ दिया। अपने स्तर से उसके लिए दोनों टाइम भोजन की व्यवस्था कराते रहे और बेवफा संदीप तथा उसके घरवालों पर दबाव बनाना शुरू किए। उनके प्रयास का परिणाम निकला। संदीप और उसके घरवाले सुमन से शादी को तैयार हो गए। अपनी मौजूदगी में साईं मंदिर में दोनों की शादी कराए। आशीर्वाद और उपहार दिए।

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