शम्मी के अभियान पर भाजपा जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर उठे सवाल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

गाजीपुर। प्रमुख ट्रेनों का गाजीपुर से संचालन रोकने की बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की धमकी के खिलाफ प्रमुख समाजसेवी विवेक सिंह शम्मी के चल रहे लगातार हस्ताक्षर अभियान पर भाजपा जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठने लगा है। रविवार को अभियान का चौथा दिन था। हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन देने स्टाल पर पहुंचे लोगों में ज्यादातर का यही सवाल था कि गाजीपुर की जनता के लिए अहम मुद्दा है। बावजूद सरकारी पार्टी भाजपा के जनप्रतिनिधि इस पर कुछ नहीं कह रहे हैं।

मौके पर मौजूद गाजीपुर नगर पालिका के सभासद सोमेश राय ने आमजन के बीच से आए इस सवाल को वाजिब बताते हुए कहा कि अव्वल तो यह मुद्दा ग़ाज़ीपुर के भाजपा जनप्रतिनिधियों की ओर से उठना चाहिए था। यह इत्तेफाक है कि गाजीपुर के रहने वाले डॉ.महेंद्रनाथ पांडेय केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उनके अलावा गाजीपुर में भाजपा के तीन विधायक हैं। दो एमएलसी हैं। फिर भी गाजीपुर के लोगों को मिली ट्रेनों की सुविधाएं छीनी जा रही हैं और वह कुछ नहीं बोल रहे हैं। तय है कि गाजीपुर के लोग इसके लिए उन्हें कतई माफ नहीं करेंगे। अभियान की अगुवाई कर रहे शम्मी ने कहा कि निश्चित रूप से आमजन के बीच उठा यह सवाल भाजपा जनप्रतिनिधियों को महंगा पड़ेगा। उन्होंने कहा-यह मुद्दा उनका अपना निजी नहीं है बल्कि गाजीपुर के आम लोगों का है। इसके लिए मैं अपना पूरा सामर्थ्य लगा दूंगा, लेकिन पीछे नहीं हटूंगा। इसका नतीजा नहीं मिला तो यह मेरा नहीं गाजीपुर की जनता की हार होगी। उसका अपमान होगा। फिर भाजपा जनप्रतिनिधि मुगालते में न रहें कि चुनाव आने पर वह गाजीपुर के लोगों को भरमा लेंगे। जनता उनको सबक सिखा कर दम लेगी। शहर के जाने पहचाने चेहरे चुन्नू चाय वाले ने कहा कि ग़ाज़ीपुर पहले से ही प्रदेश के पिछड़े जिलों में शुमार है और अब ट्रेनें भी बलिया से चलने लगेंगी तो इस जिले की स्थिति और बदतर होगी। रमेश चंद्र अग्रहरि ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गाजीपुर शहर को ट्रेनों की सौगात मिली थी, उन्हें अपनी खुद की राजनीति साधने के लिए बलिया सांसद छीन लेना चाहते हैं। उनका यह काम गाजीपुर के लिए बिल्कुल गलत है।

अभियान के तहत मिश्र बाजार तथा लंका बस स्टैंड के पास लगे स्टाल पर हस्ताक्षर करने पहुंचे लोगों को देख कर यह भी अंदाजा लगा कि शम्मी के अभियान की सार्थकता का भान न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीणों को भी है। हस्ताक्षर करने वालों में सुदूर ग्रामीण इलाकों से आए लोग भी कम नहीं थे। शायद यही वजह रही अभियान में अब तक हस्ताक्षर करने वालों की संख्या 6700 पर पहुंच गई।

अभियान में संजय अग्रहरि, कल्लू गुप्त, अंसार अहमद, राकेश गुप्त, जय सिंह, अलोक पांडेय, बृजेश राय, सूरज सिंह, प्रदीप बिंद, विनोद जायसवाल आदि भी थे।

यह भी पढ़ें–ग्राम प्रधान की हेकड़ी, प्रशासन ने तोड़ी

संबंधित ख़बरें...