डीएम के न मिलने पर हंगामा, कलेक्ट्रेट तिराहे पर शम्मी का धरना

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गाजीपुर। प्रमुख ट्रेनों का परिचालन गाजीपुर से यथावत रखने की मांग को लेकर प्रमुख समाजसेवी विवेक सिंह शम्मी के हस्ताक्षर अभियान का समापन मंगलवार को हंगामेदार हो गया। ज्ञापन सौंपते वक्त डीएम की नामौजूदगी के चलते यह नौबत आई। कलेक्ट्रेट तिराहे पर कुछ देर धऱना चला। नारेबाजी हुई। बाद में रेल मंत्री को संबोधित दस हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन डीएम के प्रतिनिधि के रूप में सदर तहसीलदार ने लिया और भरोसा दिया कि यह ज्ञापन गंतव्य तक पहुंचवाया जाएगा। ज्ञापन की प्रतियां प्रधानमंत्री के वाराणसी संसदीय क्षेत्र कार्यालय और पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम वाराणसी को भी प्रेषित थीं। इस मौके पर शम्मी ने चेतावनी दी कि रेलवे की ओर से ज्ञापन का लिखित जवाब नहीं मिला तो आंदोलन के अगले चरण में छह नवंबर से सिटी रेलवे स्टेशन पर क्रमिक अनशन शुरू होगा।

डीएम को ज्ञापन सौंपने के लिए पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शम्मी अपने सहयोगियों संग सरजू पांडेय पार्क में पहुंचे। जहां उनके समर्थन में सिविल बार, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, छात्रसंघ, व्यापार मंडल, क्षत्रिय महासंघ युवा के पदाधिकारी भी पहुंचे। फिर सभी कलेक्ट्रेट में डीएम कक्ष के लिए चले, लेकिन तभी एलआईयू के लोगों से सूचना मिली कि डीएम अपने कक्ष में नहीं हैं। अतिआवश्यक कार्यवश बिरनो की ओर निकल गए हैं। उसके बाद तो सभी नाराजगी जताते हुए कलेक्ट्रेट तिराहे पर बैठ गए। विरोधी नारे लगने लगे। शम्मी का कहना था कि ज्ञापन सौंपने की सूचना एलआईयू और मीडिया के जरिये एक दिन पहले ही दे दी गई थी। बावजूद डीएम की नामौजूदगी ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले हजारों लोगों का अपमान है।

उधर धरना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। शहर कोतवाल धनंजय मिश्र हांफते मौके पर पहुंचे। फिर सदर तहसीलदार को मौके पर लाए। तहसीलदार ने धरनारत लोगों को बताया कि उनकी डीएम ने उनके लिए संदेश भेजवाया है कि जनभावना का ख्याल कर ज्ञापन गंतव्य तक पहुंचवाया जाएगा। उसके बाद तहसीलदार ज्ञापन प्राप्त किए और तब धरना खत्म हुआ।

ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से सिविल बार अध्यक्ष राजेंद्र नाथ, विरेश सिंह, नवीन कुमार राय, विरेंद्र चौबे, बृजेश कुमार राय, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अतिक अहमद राईनी, श्रीप्रकाश केशरी गुडडू, आशीष वर्मा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह, मेदनीपुर ग्रामप्रधान दीपक सिंह, पूर्व सभासद बाबा पारसनाथ, छात्रसंघ पूर्व महामंत्री राजेश प्रजापति पप्पू, सुरेश मौर्य, पप्पू कुमार भारती, राहुल सिंह, शुभम वर्मा, रजनीश मिश्र, रोहित यादव आदि थे।

मालूम हो कि बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बीते 12 अक्टूबर को बलिया रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर कहा था कि गाजीपुर से चलने वाली सुहेलदेव एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस एवं माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस के विस्तारीकरण में सियासी अड़चन डाली गई तो उन ट्रेनों का परिचालन गाजीपुर से भी बंद करा दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह मे रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव भी मौजूद थे। श्री मस्त की इस धमकी के खिलाफ प्रमुख समाजसेवी विवेक सिंह शम्मी सामने आए और 17 अक्टूबर से लगातार पांच दिनों तक हस्ताक्षर अभियान चलाए। उनके अभियान को हर वर्ग का बढ़चढ़ कर समर्थन मिला। सबका कमोवेश यही कहना था कि बलिया सांसद का वह बयान गाजीपुर के लोगों का हक छीनने जैसा है।

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