शेरपुर ग्राम पंचायत में करोड़ों का घोटाला, जांच की मांग

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गाजीपुर। जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में शुमार भांवरकोल ब्लाक की ग्राम पंचायत शेरपुर में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जनसंघर्ष समिति गठित हुई है। समिति सक्रिय भी हो गई है। इसी क्रम में समिति का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पूर्व प्रधान ललन राय की अगुवाई में डीएम ओम प्रकाश आर्य से मिला और ग्राम पंचायत की समस्याओं के साथ ही घोटाले की बात भी सामने रखी।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की लगभग हर मद की धनराशि में घोटाला हुआ है। इसमें बीते चार साल की राशि जोड़ दी जाए तो कुल धनराशि करोड़ों में पहुंच जाएगी। सबसे ज्यादा घोटाला स्वच्छता अभियान में हुआ है। कई शौचालय कागज पर बने हैं। अधूरे बने हैं। घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने आरोप की पुष्टि में ढ़ाई माह पहले की डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट की छाया प्रति भी डीएम के सामने पेश की। कहे कि इसके बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रतिनिधिमंडल के निशाने पर पूर्व ग्राम प्रधान स्व.मंजू राय के प्रतिनिधि जेपी राय थे। कहे कि ग्राम पंचायत में शौचालय, आवास आवंटन में पात्रों, गरीबों से सुविधा शुल्क की वसूली तक की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि चार साल में विभिन्न मदों से करोड़ों रुपये खर्च हो गए, लेकिन ग्राम पंचायत की दशा, सूरत में कोई बदलाव नहीं आया।

इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम पंचायत में गंगा कटान की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। डीएम को बताए कि गंगा कटान से कई परिवार विस्थापित हो चुके हैं। उनकी पुनर्स्थापना नितांत आवश्यक है। फिर ग्राम पंचायत में स्थाई लेखपालों की तैनाती के अभाव में ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। प्रतिनिधिमंडल में आशीष कुमार वर्मा, शंकर दयाल राय, ओमप्रकाश राय मुन्ना आदि थे। बाद में उन्होंने बताया कि डीएम ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

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