घर के खर्च के लिए रुपये मांगने पहुंचे बेटे की हेड कांस्टेबल ने थाने में ही कर दी हत्या

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बहरियाबाद। विवाहेत्तर संबंधों के नतीजे भी प्रायः खौफनाक ही निकलते हैं। रायपुर कछुआ गांव में कुछ ऐसा ही हुआ। रिश्ते का कत्ल हो गया। बाप ने किशोरवय बेटे विकाश (16) की हत्या कर दी। घटना गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना कैंपस में बुधवार की रात करीब साढ़े 11 बजे की है। हत्यारा बाप अरविंद यादव उसी थाने में हेडकांस्टेबल है। घटना के बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही घटना में प्रयुक्त उसकी लाइसेंसी राइफल भी जब्त कर ली गई। इसकी सूचना मिलने पर विकाश के घर में कोहराम मच गया। सुबह उसकी मां लालसा देवी, छोटा भाई पंकज तथा तीनों बड़ी बहनें और बड़े पिता विंध्याचल यादव चौरीचौरा के लिए रवाना हो गए।

रायुपुर कछुआ गांव के लोगों ने बताया कि गोरखपुर के ही कूड़ाघाट की किसी महिला को अरविंद रखैल बनाकर रख लिया है। उसके चलते वह कुछ साल से अपनी पत्नी, संतानों की सुधि नहीं लेता है। गांव आना भी उसका लगभग नहीं के बराबर हो गया है। बावजूद घर का खर्च चलाने के लिए बेटा विकाश बाप के यहां जाकर रुपये लाता था। अरविंद नहीं चाहता था कि बेटा विकाश उसके पास आया करे, लेकिन दीपावली पर्व के लिए घर में रुपये की जरूरत थी। लिहाजा कक्षा नौवीं का छात्र विकाश अपने स्कूल चंद्रशेखर आजाद शहीद इंटर कॉलेज सलेमपुर बघई से घर लौटा था। उसके बाद चौरीचौरा के लिए रवाना हो गया था।

अपने ही बाप के हाथों विकाश की हत्या की खबर घरवालों को रात में ही मिल गई थी। पता चला कि चौरीचौरा थाने में विकाश को जैसे ही अरविंद थाना कैंपस के अपने आवास में आते देखा, वह वहां से खिसकने लगा। तब विकाश ने उसे रोका। उसके बाद अरविंद उससे उलझ गया और उसी बीच उसने अपनी लाइसेंसी राइफल से उस पर गोली दाग दी। गोली विकाश के गले को छेदते हुए पार कर गई और वह मौके पर ही दम तोड़ दिया था। रायपुर कछुआ गांव के लोग इस घटना के लिए अरविंद को कोस रहे हैं।